नवरात्रि में शक्ति की आराधना के साथ बेटियों को आत्मरक्षा का प्रशिक्षण देगी संस्था युवधर्म
11 से 20 अक्टूबर तक मंदसौर में होगा आयोजन, 600 बेटियों को आत्मरक्षा का प्रशिक्षण देने की अभिनव पहल
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मंदसौर। शक्ति की उपासना के पावन पर्व शारदीय नवरात्रि में बेटियों को आत्मविश्वास, साहस और आत्मनिर्भरता का संदेश देने के उद्देश्य से संस्था युवधर्म द्वारा इस वर्ष भी “शक्ति की आराधना — आत्मरक्षा प्रशिक्षण” अभियान का आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन 11 अक्टूबर से 20 अक्टूबर तक पंडित मदनलाल जोशी सभागार, संजय गांधी उद्यान, मंदसौर में आयोजित होगा।
संस्था युवधर्म विगत दो वर्षों से 6 से 25 वर्ष आयुवर्ग की बेटियों को निःशुल्क आत्मरक्षा प्रशिक्षण प्रदान कर रही है। इस पहल के माध्यम से अब तक लगभग 600 बेटियाँ आत्मरक्षा के विभिन्न कौशल सीख चुकी हैं। अभियान का उद्देश्य बेटियों के मन में यह विश्वास जागृत करना है कि वे विपरीत एवं अप्रिय परिस्थितियों में घबराने के बजाय सजगता, साहस और सूझबूझ के साथ उनका सामना कर सकती हैं।
केवल प्रशिक्षण नहीं, आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता का संकल्प
“शक्ति की आराधना” महज एक प्रशिक्षण कार्यक्रम नहीं, बल्कि बेटियों को शारीरिक रूप से सक्षम, मानसिक रूप से सशक्त और सामाजिक रूप से जागरूक बनाने का एक व्यापक अभियान है। इसके माध्यम से बेटियों को आत्मरक्षा के कौशल सिखाने के साथ उनमें आत्मविश्वास, निर्णय क्षमता और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों का सामना करने का साहस विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है।
प्रशिक्षण के दौरान बेटियों को लाठी, तलवार एवं कराटे सहित आत्मरक्षा की विभिन्न विधाओं का अभ्यास कराया जाएगा। साथ ही, आकस्मिक एवं कठिन परिस्थितियों में स्वयं को सुरक्षित रखने, आवश्यक सावधानियां बरतने और संकट के समय उचित निर्णय लेने संबंधी जानकारी विशेषज्ञों द्वारा दी जाएगी। इसके अतिरिक्त गुड टच-बैड टच, दैनिक जीवन में उपयोगी स्वास्थ्य संबंधी जानकारी तथा आवश्यक विधिक अधिकारों एवं प्रावधानों से भी बेटियों को अवगत कराया जाएगा।
समाज की प्रेरणादायी मातृशक्ति बनेगी बेटियों का संबल
इस आयोजन की एक विशिष्ट पहचान यह है कि मंदसौर नगर की विभिन्न क्षेत्रों में अपनी सेवाओं और कार्यों से समाज में विशिष्ट पहचान स्थापित करने वाली महिलाएँ प्रतिदिन माँ दुर्गा की आरती में सम्मिलित होती हैं। स्वास्थ्य, शिक्षा, विधि, प्रशासन, समाजसेवा और स्वरोजगार के क्षेत्र में कार्यरत महिलाओं के साथ ऑटो चालक बहनें एवं स्वच्छता प्रहरी महिलाएँ भी इस आयोजन से जुड़कर प्रशिक्षण प्राप्त कर रही बेटियों का उत्साहवर्धन करती हैं।
समाज के विभिन्न वर्गों से आने वाली इन प्रेरणादायी महिलाओं की सहभागिता बेटियों को यह संदेश देती है कि नारी शक्ति न केवल अपने परिश्रम और प्रतिभा से पहचान बनाती है, बल्कि दूसरी बेटियों के लिए प्रेरणा, मार्गदर्शन और संबल भी बनती है।
दो वर्षों में 600 बेटियों तक पहुंचा अभियान
बेटियों और उनके अभिभावकों के विश्वास एवं सहयोग से संस्था युवधर्म इस अभियान को निरंतर आगे बढ़ा रही है। संस्था के अनुसार, इस पहल से प्रेरित होकर मंदसौर सहित प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर अनेक समाजसेवियों एवं संस्थाओं ने भी बेटियों के लिए आत्मरक्षा प्रशिक्षण की आवश्यकता को महसूस किया है और इस दिशा में आयोजन प्रारंभ किए हैं।
संस्था का मानना है कि बेटियों की सुरक्षा केवल परिवार या प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज का सामूहिक दायित्व है। आवश्यकता इस बात की है कि बेटियों को सुरक्षित वातावरण देने के साथ-साथ उन्हें जागरूक, सजग और आत्मरक्षा के लिए सक्षम भी बनाया जाए।
विजयादशमी पर शस्त्र-पूजन और आत्मरक्षा कौशल का सार्वजनिक प्रदर्शन
नवरात्रि में आयोजित इस अभियान का समापन 20 अक्टूबर को विजयादशमी के अवसर पर होगा। इस दिन प्रशिक्षण प्राप्त करने वाली बेटियाँ शस्त्र-पूजन करेंगी तथा अभिभावकों एवं नगरवासियों की उपस्थिति में आत्मरक्षा के दौरान सीखे गए कौशलों का सार्वजनिक प्रदर्शन करेंगी। यह आयोजन बेटियों के साहस, अनुशासन, आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता के संकल्प को समाज के समक्ष प्रस्तुत करेगा।
संस्था युवधर्म द्वारा आयोजित “शक्ति की आराधना — आत्मरक्षा प्रशिक्षण” कार्यक्रम के अंतर्गत 11 से 19 अक्टूबर तक प्रतिदिन शाम 4:30 बजे से 7:00 बजे तक बेटियों को निःशुल्क आत्मरक्षा प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।
कार्यक्रम स्थल: पंडित मदनलाल जोशी सभागार, संजय गांधी उद्यान, मंदसौर।
20 अक्टूबर को विजयादशमी के पावन अवसर पर इसी आयोजन के अंतर्गत शस्त्र-पूजन एवं आत्मरक्षा प्रशिक्षण का सार्वजनिक प्रदर्शन किया जाएगा।
संस्था युवधर्म ने आत्मरक्षा प्रशिक्षण के क्षेत्र में कार्यरत सभी संस्थाओं, संगठनों, प्रशिक्षकों और समाजसेवियों से इस अभियान को व्यापक बनाने में सहयोग की अपील की है, ताकि अधिक से अधिक बेटियाँ आत्मरक्षा के प्रति जागरूक और सक्षम बन सकें।
संस्था का उद्देश्य बेटियों को आर्थिक, सामाजिक एवं राजनीतिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ उन्हें अपने अधिकारों, सुरक्षा और निर्णयों के प्रति सजग बनाना है। प्रत्येक बेटी के मन में यह विश्वास होना चाहिए कि वह अपनी सुरक्षा के प्रति जागरूक है और आवश्यकता पड़ने पर साहस एवं सूझबूझ के साथ स्वयं का बचाव कर सकती है।
आइए, इस नवरात्रि माँ दुर्गा की आराधना के साथ बेटियों के भीतर निहित शक्ति की भी आराधना करें।
“शक्ति की आराधना — हर बेटी में आत्मविश्वास, हर कदम पर आत्मनिर्भरता।”

