धर्म/आध्यात्म

🚩 6 यात्रियों के समूह से आरम्भ परिक्रमा दल में इस बार मातृशक्ति सहित 700 लोग शामिल सामाजिक समरसता का प्रतीक बनी गोवर्धन परिक्रमा

त्रिदिवसीय गोवर्धन परिक्रमा यात्रा

  • खैर ख़बर न्यूज़ 

मंदसौर । चौदह साल पूर्व से मात्र 6 व्यक्तियों से शुरू हुई गोवर्धन परिक्रमा यात्रा आज विशाल स्वरूप में परिवर्तित होगई है । शुक्रवार 22 दिसंबर से 25 दिसंबर तक की परिक्रमा यात्रा में इस बार रिकॉर्ड वृद्धि दर्ज़ हुई है , और नगर व अंचल के 700 से अधिक यात्री गोवर्धन परिक्रमा में शामिल होरहे हैं ।


यह जानकारी परिक्रमा यात्री दल के सहभागी एवं मीडिया प्रभारी डॉ घनश्याम बटवाल एवं श्री ब्रजेश जोशी ने दी ।
आपने बताया कि पहली बार इस परिक्रमा दल में महिलाओं को जोड़ा गया है ओर लगभग 100 से अधिक महिलाएं जाएंगी । इस परिक्रमा दल में 10 वर्ष से लेकर 75 वर्ष आयु वर्ग के यात्री शामिल हैं ।
डॉ बटवाल एवं श्री जोशी ने बताया कि त्रिदिवसीय परिक्रमा यात्रा में सांवरिया दर्शन ,वृंदावन , मथुरा , गोवर्धन शामिल है । सभी वर्गों के यात्रियों का यह बड़ा समूह दशपुर की सामाजिक समरसता का प्रतीक बन गया है । ऊंच नीच , बिना भेदभाव के सहयात्री इस परिक्रमा में रहने वाले हैं । यात्रा के लिए विगत चार माह से अधिक समय से योजनाबद्ध ढंग से रेलवे आरक्षण , तीर्थ स्थानों पर दर्शन , परिक्रमा मार्ग , ठहरने , भोजन , आवास , परिवहन , सहित अन्य सुविधाएं कराई है । नामजद सूचना , उपयुक्त व्यवस्था की जानकारी सभी यात्रियों को प्रदान की गई है ।
शुक्रवार को मंडपिया सांवरिया सेठ के दर्शन के साथ सभी यात्री 23 प्रातः मथुरा पहुंच कर वृंदावन जाएंगे । सुबह के सत्र में जमुना जी मे चुनरी मनोरथ उत्सव के साथ मनेगा । परिक्रमा यात्रियों के माध्यम से एकत्र चुनरी की कोई 1400 फिट लम्बी चुनर तैयार की गई है जो कोई 50 से अधिक नावों पर सहयात्री लेकर जमुनानदी के चौड़े पाट पर नाम स्मरण , पूजन अर्चन कर चुनरी ओढ़ायेंगे , द्वारकाधीश दर्शन कर वृंदावन के देव दर्शन कर विश्राम करेंगे
24 दिसंबर को प्रातः से श्री गोवर्धन परिक्रमा आरम्भ होगी । गोविंद कुंड , दानघाटी व देव स्थानों , ब्रज क्षेत्र में होगी । श्रीकृष्ण जन्मभूमि स्थान दर्शन को भी इस परिक्रमा यात्रा में जोड़ा गया है ।


ब्रज यात्रा और गोवर्धन परिक्रमा का धार्मिक , आध्यात्मिक , सांस्कृतिक , पौराणिक , साहित्यिक , सांगीतिक , सामाजिक महत्व रहा है । आदि काल से श्री कृष्ण की लीलाओं का सनातन जनमानस पर गहरा ओर स्थायी प्रभाव रहा है । पुष्टि मार्ग में कृष्ण लीलाओं का सुंदर वर्णन है । लोक चेतना से जुड़ी गोवर्धन परिक्रमा , जमुना जी मनोरथ , बांकेबिहारी मंदिर साक्षात आनंद का वातावरण निर्मित करते हैं ।
डॉ बटवाल एवं श्री जोशी ने बताया कि सनातन संस्कृति देव दर्शन के साथ जन जन को जोड़ने का सेतु है ऐसी यात्रायें । परस्पर सहयोग और विश्वास का उत्कृष्ट माध्यम बन गई है यह चौदह सालों से जारी यह गोवर्धन परिक्रमा यात्रा । कोई 60 से अधिक सहयात्री निस्वार्थ भाव से अनवरत परिक्रमा यात्रा को मूर्त रूप देने में जुटे रहे हैं । पिछले साल भी कोई 400 यात्रियों का दल गोवर्धन परिक्रमा पर गया था । विभिन्न वर्ग के यात्रियों के साथ सांसद सुधीर गुप्ता , गरोठ विधायक देवीलाल धाकड़ भी शामिल हुए और परिक्रमा यात्रियों का मथुरा वृंदावन में स्वागत किया । शानदार और आनंददायक यात्रा साथ ही मनवांछित फल प्रदान करने वाले श्री गोवर्धन की कृपा प्रसाद भी प्राप्ति होरही है । 25 दिसंबर को परिक्रमा यात्रा का विराम होगा ।
यात्रियों की भी तैयारी अंतिम चरण में है । अनेक सुधीजनों , गणमान्य एवं श्रेष्ठी वर्ग ने दशपुर अंचल की सबसे बड़ी और श्रद्धा पूर्ण परिक्रमा यात्रा के प्रति शुभकामनाएं व्यक्त की है ।

 

File Photo

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