Tuesday, July 7, 2026
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शिक्षा/प्रौधोगिकी

विबोध की चार वर्षों की यह यात्रा केवल समय का सफर नहीं, बल्कि विश्वास, संस्कार, प्रेम और अनगिनत मुस्कानों की एक सुंदर कहानी है

डॉ. श्रुति बटवाल (फाउंडर प्रिंसिपल – विबोध प्रीस्कूल, मन्दसौर)

“हर मुस्कान में हमने एक नया संसार बसाया है, नन्हे सपनों को संस्कारों से सजाया है। चार साल की इस खूबसूरत यात्रा में, आपके विश्वास ने ही “विबोध प्रीस्कूल” को यह मुकाम दिलाया है।”

चार वर्षों की यह यात्रा केवल समय का सफर नहीं, बल्कि विश्वास, संस्कार, प्रेम और अनगिनत मुस्कानों की एक सुंदर कहानी है।

परम आराध्य ठाकुर जी की असीम कृपा, पूर्वजों के आशीर्वाद, विबोध परिवार के आधार स्तम्भ डॉ घनश्याम बटवाल के सतत मार्गदर्शन एवं आप सभी अभिभावकों के अटूट विश्वास, नन्हें-मुन्ने बच्चों की मधुर किलकारियों, हमारे समर्पित शिक्षकगण, स्नेहमयी दीदियों तथा सहयोगी स्टाफ के अथक परिश्रम से विबोध प्रीस्कूल ने अपने सफलतम 4 वर्ष पूर्ण किए हैं।

जब हमने विबोध की शुरुआत की थी, तब हमारे मन में केवल एक ही संकल्प था—ऐसा शिक्षण वातावरण तैयार करना जहाँ प्रत्येक बच्चा केवल पढ़े नहीं, बल्कि संस्कार, आत्मविश्वास, अनुशासन, रचनात्मकता और मानवीय मूल्यों के साथ जीवन जीना सीखे। आज पीछे मुड़कर देखते हैं तो लगता है कि यह सपना आप सभी के सहयोग से एक सुंदर वास्तविकता बन चुका है।

सबसे पहले हम उन सभी सम्मानित अभिभावकों का हृदय से आभार व्यक्त करते हैं जिन्होंने अपने जीवन के सबसे अनमोल उपहार—अपने बच्चों—को हमारे विश्वास के साथ सौंपा। आपका भरोसा ही हमारी सबसे बड़ी पूंजी है और यही विश्वास हमें प्रतिदिन बेहतर करने की प्रेरणा देता है।

हमारे प्यारे नन्हें बच्चों, तुम ही विबोध प्रीस्कूल की असली पहचान हो। तुम्हारी मासूम मुस्कान, जिज्ञासु प्रश्न, छोटे-छोटे कदम और बड़ी-बड़ी उपलब्धियाँ हमारे हर दिन को उत्साह और ऊर्जा से भर देती हैं। तुम्हारे साथ सीखते-सीखते हम भी हर दिन कुछ नया सीखते हैं।

हमारे सभी शिक्षकगण केवल पढ़ाने का कार्य नहीं करते, बल्कि प्रत्येक बच्चे के व्यक्तित्व को प्रेम, धैर्य और समर्पण से संवारते हैं। आपका अथक परिश्रम, धैर्य और बच्चों के प्रति स्नेह ही विबोध की सबसे बड़ी ताकत है।

हमारी सभी दीदियों और सहयोगी स्टाफ का योगदान भी उतना ही महत्वपूर्ण है। आपकी सेवा, आत्मीयता, अनुशासन और हर छोटी-बड़ी जिम्मेदारी को पूरी निष्ठा से निभाने के कारण ही विद्यालय का प्रत्येक दिन व्यवस्थित और सफल बनता है। आप सभी हमारे परिवार की मजबूत नींव हैं।

इन चार वर्षों में हमने केवल शिक्षा नहीं दी, बल्कि बच्चों के साथ मिलकर अनगिनत यादें बनाई हैं—पहली मुस्कान, पहला मंच, पहली कविता, पहला पुरस्कार, पहला आत्मविश्वास और जीवन के कई सुंदर अनुभव। यही पल हमारी सबसे बड़ी उपलब्धि हैं।

हम जानते हैं कि यह यात्रा अभी केवल शुरुआत है। आने वाले वर्षों में भी विबोध का प्रयास रहेगा कि प्रत्येक बच्चे को आधुनिक शिक्षा के साथ भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों, रचनात्मक सोच और जीवन कौशल से समृद्ध किया जाए, ताकि वह एक जिम्मेदार, संवेदनशील और सफल नागरिक बन सके।

इस चार वर्षीय यात्रा के हर कदम पर साथ देने वाले प्रत्येक अभिभावक, विद्यार्थी, शिक्षक, दीदी, सहयोगी स्टाफ, शुभचिंतकों एवं हमारे परिवार के प्रत्येक सदस्य को हम हृदय की गहराइयों से कोटि-कोटि धन्यवाद एवं सादर प्रणाम करते हैं।

आइए, प्रभु की कृपा और आप सभी के स्नेह के साथ हम इसी विश्वास, सेवा और संस्कार की भावना को आगे बढ़ाते हुए शिक्षा के नए आयाम स्थापित करें।

आपका स्नेह, आपका विश्वास और आपका साथ ही हमारी सबसे बड़ी प्रेरणा है।

हमारी प्रेरणापुंज माँ की पावन स्मृतियों को सादर नमन….माँ, आप भले ही दृश्य रूप में हमारे साथ नहीं हैं, किन्तु आपके संस्कार “विबोध” के हर कण में जीवित हैं। हर नन्ही मुस्कान में आपका स्नेह दिखाई देता है, और हमारी हर सफलता आपके श्रीचरणों में समर्पित है..🙏

सप्रेम • सादर
🙏

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