Putin Ukraine War: यूक्रेन में महीनों तक जंग लड़ सकता है रूस, जानें क्‍यों अमेरिकी प्रतिबंधों से डर नहीं रहे पुतिन


मास्‍को
रूस के राष्‍ट्रपति व्‍लादिमीर पुतिन के आदेश पर रूसी सेना यूक्रेन में कहर बरपा रही है। रूस के निशाने पर यूक्रेन की सेना है लेकिन इसमें कई आम नागर‍िक भी मारे जा रहे हैं। यूक्रेन पर रूसी हमले के बाद अमेरिका समेत पश्चिमी देशों ने कई कड़े प्रतिबंध लगा दिए हैं लेकिन इसका पुतिन पर कोई खास असर होता नहीं दिख रहा है। रूसी सेना अब राजधानी कीव पर कब्‍जा करने के लिए उसे चौतरफा घेर चुकी है। दरअसल, यूक्रेन में रूस ऐसी लड़ाई लड़ रहा है, जिससे वह कई दिनों तक जंग के मैदान में डटा रह सकता है। आइए समझते हैं पूरा मामला…

पश्चिमी देशों का दावा है कि रूस हर दिन में जंग में 15 से 20 अरब डॉलर खर्च कर रहा है, वहीं रूसी विशेषज्ञों के मुताबिक यह आंकड़ा मात्र 50 करोड़ डॉलर हर द‍िन है। यही नहीं रूस यूक्रेन में बड़े पैमाने पर जवानों की कुर्बानी देने को भी तैयार है। अमेरिकी सेना के सूत्रों ने एशिया टाइम्‍स को बताया कि इस युद्ध का खर्च प्रकाशित आंकड़ों से बहुत कम है। ऐसे अनुमान लगाए गए थे कि हर दिन 15 अरब डॉलर खर्च हो रहे हैं लेकिन 4 दिन की जंग में खर्च का असली आंकड़ा 2 अरब डॉलर के करीब है।
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हर दिन का खर्च करीब 2 अरब डॉलर आएगा
अमेरिकी सैन्‍य सूत्रों ने इससे पहले इराक और अन्‍य देशों में किसी विदेशी सेना की ओर से चलाए गए विशाल सैन्‍य अभियान के आधार पर दिया है। उस समय युद्ध के लिए अमेरिकी सैनिकों को जंग के मैदान में बनाए रखने के लिए हर दिन 1 से 2 हजार डॉलर खर्च करना पड़ता था। इसमें ईंधन, राशन और गोला बारूद शामिल हैं। इसमें सैलरी शामिल नहीं थी जो उन्‍हें हमेशा मिलती है। उन्‍होंने अपने इस विश्‍लेषण के आधार पर कहा कि अगर 1,50,000 अमेरिकी सैनिकों को तैनात किया जाए तो हर दिन का खर्च करीब 2 अरब डॉलर आएगा।


हालांकि इसमें हमले के दूसरे सप्‍ताह में खर्च में कमी भी आई थी और अमेरिकी सेना ने बहुत कम हाईटेक और ज्‍यादा कीमत वाले हथियारों का इस्‍तेमाल किया था। इस खर्च को अगर यूक्रेन में हुए हमले से जोड़ दिया जाए तो रूस के सरकारी खजाने को अमेरिका के मुकाबले कम कीमत चुकाना पड़ रहा है। इसके पीछे दो वजहे हैं। पहला रूस के हथियार बहुत नए नहीं हैं और अमेरिका के मुकाबले सस्‍ते हैं। दूसरा रूस के सैन्‍य वाहन पेट्रोल की जगह पर डीजल का इस्‍तेमाल करते हैं जो सस्‍ते हैं और लंबी दूरी तक आसानी से जाते हैं।
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4 दिन की लड़ाई में रूस को 1.6 अरब डॉलर का खर्च उठाना पड़ा
अमेरिकी सूत्रों ने बताया कि पहले 4 दिन की लड़ाई में रूस के 10 विमान तबाह हो गए जिसमें प्रत्‍येक की औसती कीमत 3 करोड़ डॉलर है। इसी तरह से 100 से ज्‍यादा हथियारबंद वाहन, सैनिकों को ले जाने के वाहन, इन्‍फैंट्री वाहन, मोबाइल तोपें और टैंक नष्‍ट हो गए। इनमें से प्रत्‍येक की कीमत करीब 50 लाख डॉलर है। इससे रूसी करदाताओं पर आने वाला कुल खर्च 50 करोड़ डॉलर है आया है। यही नहीं जंग के मैदान में रूसी सैनिकों को रखने का भी खर्च रूस का अमेरिका के मुकाबले कम है। य‍ह करीब 1 हजार डॉलर प्रतिद‍िन है।

इस तरह से 4 दिन की लड़ाई में करीब दो लाख सैनिकों पर रूस को 80 करोड़ डॉलर का खर्च करना पड़ा है। अमेरिकी रक्षा सूत्रों ने कहा कि इस तरह से 4 दिन की लड़ाई में रूस को 1.6 अरब डॉलर का खर्च उठाना पड़ा है जो करीब 2 अरब डॉलर तक हो सकता है। इस तरह से रूस को प्रत्‍येक दिन की जंग में अधिकतम 50 करोड़ डॉलर खर्च करना पड़ा है। रूस दुनिया की 11वीं सबसे बड़ी अर्थव्‍यवस्‍था है और उसकी जीडीपी 2 ट्रिल्‍यन डॉलर है। उसके पास जनवरी में 630 अरब डॉलर का विदेशी मुद्रा भंडार है। रूस हथियार खुद बनाता है, इसलिए उसे दूसरे देश पर भी निर्भर नहीं रहना पड़ता है। ऐसे में रूस लंबे समय तक यूक्रेन में जंग लड़ सकता है। हालांकि उसे इस दौरान उग्रवाद का सामना करने के लिए तैयार रहना होगा।

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