Maharashtra Politics: बीजेपी के नेता फुसकी बम! क्या तूफान उठाएंगे? सामना संपादकीय में बजट सत्र के पहले शिवसेना का हमला


मुंबई:शिवसेना(Shivsena) के मुखपत्र सामना के जरिये महाराष्ट्र बीजेपी(BJP) पर जोरदार निशाना साधा गया है। सामना ने अपने संपादकीय में लिखा है कि विधानसभा का अर्थसंकल्पीय अधिवेशन आज से शुरू हो रहा है। यह अधिवेशन चर्चित होगा, हंगामेदार होगा अथवा तूफानी सिद्ध होगा. ऐसी धमकी विपक्ष द्वारा दी जा रही है। इसमें बिल्कुल भी तथ्य नजर नहीं आ रहा है। विपक्ष के लोगों द्वारा आरोपों की झड़ी लगाना व उससे तूफान खड़े करने के दिन अब नहीं रह गए हैं। क्योंकि विपक्ष के आरोप द्वेषपूर्ण होते हैं इसलिए वे आपटी बम भी नहीं साबित होते हैं। ऐसे फुसके बम क्या तूफान उठाएंगे?

केंद्र सरकार चुनाव प्रचार में फंसी
सामना ने लिखा है कि यूक्रेन, रूस युद्ध में महाराष्ट्र के भी बच्चे फंसे हुए हैं। महाराष्ट्र में उनके अभिभावक बेहाल हो रहे हैं। उनकी मदद के लिए राज्य के सत्ताधारी और विरोधियों को एक साथ काम करने की आवश्यकता है। जंग शुरू हो गई है, उसमें हमारे विद्यार्थियों का क्या दोष? परंतु केंद्र की सरकार गंगा तट पर चुनाव प्रचार में फंसी पड़ी हैं तथा संकट के प्रति केंद्र सरकार देर से जागी है। इसका खामियाजा हजारो हिंदुस्थानी छात्रों को भुगतना पड़ा है। उसमें महाराष्ट्र के भी छात्र हैं। ये छात्र इस तरह से किसकी लापरवाही के कारण फंसे हैं, इस पर विधान मंडल में चर्चा होनी चाहिए।

बीजेपी का चौका बर्तन करने वाली एजेंसी बनी ईडी
सामना ने लिखा है कि विपक्ष के नेता देवेंद्र फडणवीस ने अधिवेशन की पूर्व संध्या पर पत्रकार परिषद का आयोजन करके कुछ मुद्दों पर अपनी भूमिका व्यक्त की। मंत्री नवाब मलिक फिलहाल एक भूखंड के सौदे से जुड़े प्रकरण में ईडी की हिरासत में है। जमीन का ये मामला दाऊद इब्राहिम से संबंधित है व इसमें मनी लॉन्डिंग हुई है, ऐसी ‘ईडी’ की भूमिका है (मतलब भाजपा की। ‘ईडी’ जैसी संस्था भाजपा का चौका-बर्तन करनेवाले नौकर की तरह फिलहाल काम कर रही है। राजनीतिक विरोधियों के गले में फंदा कसकर उन्हें ठंडा करने के लिए केंद्रीय जांच एजेंसियों को लगाया जा रहा है, यह खुलासा अब हो चुका है।

दाऊद इब्राहिम देश का दुश्मन है और उसे तत्काल हिंदुस्थान लाकर फांसी पर लटकाने की जिम्मेदारी मोदी सरकार की है। मोदी की सरकार दाऊद को अभी तक हिरासत में क्यों नहीं ले सकी? दाऊद कराची के जिस हिस्से में रहता है, वहां कोई सर्जिकल स्ट्राइक करके देश के दुश्मन को हमेशा के लिए खत्म करने में कोई हर्ज नहीं है। मतलब न रहेगा बांस न बजेगी बांसुरी’, परंतु आए दिन ‘दाऊद-दाऊद’ कहकर जमीन पर लकड़ी पीटने व देश को ‘खतरा-खतरा होने का शोर मचाना। यह कहीं तो रुकना ही चाहिए।

बीजेपी के दत्तक पुत्र हैं समीर वानखेड़े
सामना ने लिखा है कि एनसीबी के समीर वानखेडे भारतीय जनता पार्टी के दत्तक पुत्र ही थे। उनके द्वारा मुंबई महाराष्ट्र में दर्ज किए गए झूठे प्रकरणों का भंडाफोड़ नवाब मलिक ने किया तो नवाब मलिक को आरोपी के कटघरे में खड़ा कर दिया गया। शाहरुख खान के पुत्र आर्यन खान को मादक पदार्थों के झूठे प्रकरण में वानखेडे ने कैसे फंसाया, इसका खुलासा अब एसआईटी ने किया है। केंद्रीय जांच एजेंसियां फिर वह एनसीबी हो अथवा ईडी- महाराष्ट्र को बदनाम कर रही हैं। अनिल देशमुख आज जेल में हैं, परंतु सभी गुनाहों के मुख्य सूत्रधार परमबीर सिंह को राहत पर राहत सिर्फ भाजपा की कृपा से ही मिल रही है।

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