यूक्रेन में फंसे भारतीय छात्रों को निकालने की कोशिशों को बीच उठ रहे हैं ये बड़े सवाल


Russia Ukraine War: रूस और यूक्रेन के बीच जंग जारी है. इस जंग के शुरू होने के बाद से ही भारत सरकार ‘ऑपरेशन गंगा’ के तहत यूक्रेन से भारतीय छात्रों को निकालने की कोशिशों में जुटी है. रूस (Russia) ने यूक्रेन (Ukraine) के जिस खारकीव शहर को कब्जे में लिया है, वहां अब भी सैंकड़ों छात्र फंसे हुए हैं, जिन्हें निकालने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin) से बातचीत में की, लेकिन पुतिन ने पीएम मोदी से बातचीत में यूक्रेन पर बड़ा आरोप लगा दिया है, जिससे कई सवाल खड़े हो रहे हैं.

भारतीय छात्रों के निकालने के लिए भारत सरकार लगातार कोशिश तो कर रही है, लेकिन चुनौतियां कई मोर्चों पर है. इन चुनौतियों के बीच एक बड़ा सवाल ये भी उठ रहा है कि क्या यूक्रेन संयुक्त राष्ट्र (UN) में भारत के रूस के खिलाफ वोटिंग नहीं करने से नाराज हो गया है. ये सवाल इसलिए, क्योंकि खारकीव से भारतीय छात्रों के रेस्क्यू को लेकर रूस से एक बडा़ दावा किया गया है. दावा खुद रूसी राष्ट्रपति पुतिन के ऑफिस से हुआ है. जिसके मुताबिक. यूक्रेन के सैनिकों ने खारकीव में भारतीय छात्रों को बंधक बना लिया है.

रूसी राष्ट्रपति भवन का बयान

रूसी राष्ट्रपति भवन की ओर से दावा है कि टेलीफोन पर बातचीत में राष्ट्रपति पुतिन ने पीएम मोदी को ये जानकारी दी है. क्रेमलिन की ओर से दोनों नेताओं के बीच बातचीत का पूरा ब्यौरा जारी किया गया है, जिसके मुताबिक, व्लादिमीर पुतिन ने पीएम मोदी को बताया कि भारतीय छात्रों को वॉर जोन से सुरक्षित निकालकर उन्हें भारत भेजने के लिए सभी जरूरी निर्देश जारी किए गए हैं और रूसी सेना इस दिशा में हरसंभव कोशिश कर रही है. भारतीय छात्रों के फौरन रेस्क्यू के लिए रूसी सेना खारकीव से रूस तक एक सुरक्षित कॉरिडोर बनाने पर भी काम कर रही है, लेकिन इसी बीच भारतीय छात्रों को यूक्रेन के सुरक्षाबलों की ओर से बंधक बनाए जाने की भी जानकारी मिली है. यूक्रेन के जवान भारतीय छात्रों को मानव ढाल के तौर पर इस्तेमाल कर रहे हैं और उन्हें रूस की जमीन पर जाने से रोक रहे हैं. इस मामले में पूरी जिम्मेदारी कीव प्रशासन की होगी.

रूस के आरोप पर यूक्रेन का पलटवार

लेकिन क्रेमलिन से किए गए इस दावे और यूक्रेनी सेना पर लगाए आरोप के बाद कीव से भी इसका जवाब सामने आया. ट्विटर पर यूक्रेन के विदेश मंत्रालय ने बयान जारी किया और कहा, ”हम भारत, पाकिस्तान, चीन और दूसरे देशों की सरकारों से अपील करते हैं कि वो मॉस्को से मांग करें कि उनके छात्रों को यूक्रेन के दूसरे शहरों में जाने के लिए सुरक्षित कॉरिडोर की इजाजत दें. जिनके छात्र खार्किव और सुमी में रूसी आक्रमण के बंधक बने हुए हैं.”

यानी दोनों पक्षों ने भारतीय छात्रों को लेकर एक दूसरे पर बड़े आरोप लगाए हैं. ये वहां फंसे भारतीय छात्रों और भारत में उनके परिवारवालों के लिए बड़ी चिंता की बात है. हालांकि इस बड़े दावे पर भारत सरकार के जवाब का इंतजार है.

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