प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत अब दूसरे बच्‍चे के जन्‍म पर भी मिलेगी सहायता राशि, जानें इस स्‍कीम के बारे में सबकुछ



प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY) के तहत गर्भवती महिलाओं को इस योजना का लाभ दिया जाता है। यह पहले केवल एक बच्‍चे के जन्‍म पर ही राशि दी जाती थी, लेकिन अब इसके तहत दो बच्‍चों पर लाभ प्राप्‍त किया जा सकेगा।

प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY) के तहत परिवार में गर्भवती महिलाओं को सहायता राशि दी जाती है। इस राशि के तहत महिलाओं को 5000 रुपये की धनराशि दी जाती है। अब केंद्र सरकार ने इसके नियम में बदलाव कर दिया है। बदलाव के दौरान अब परिवार में दोबारा से गर्भवती हुई महिला या स्‍तनपान करा रही महिला एक बार और सहायता राशि पा सकती है, लेकिन इसकी शर्त यह है कि दूसरा बच्‍चा बेटी होनी चाहिए।

केंद्र सरकार ने बेटियों को प्रमोट करने को लेकर यह फैसला लिया है। इस नियम को 1 अप्रैल 2022 से लागू किया जाएगा। सरकार इसके अलावा मिशन शक्ति, मिशन वात्‍सल्‍य, सक्षम आगनवाड़ी जैसे योजनाओं को भी 1 अप्रैल से संशोधन किया जा सकता है। इस स्‍कीम के बारे में जानकारी देते हुए महिला और बाल विकास मंत्रालय ने कहा कि Bureau of Police Research and Development (BRR&D) से कोलाब्रेशन किया गया है। सेक्रेटरी इनदेवर पांडेय ने इस स्‍कीम में संशोधन को लेकर जानकारी दी है।

बढ़ सकती है सहायता राशि
पांडेय ने बताया कि अभी केंद्र सरकार की ओर से इस योजना में परिवार में एक गर्भवती महिला और स्‍तनपान कराने वाली महिला को इस योजना के तहत 5,000 की धनराशि तीन किस्‍तों में दी जाती है। उन्‍होंने बताया कि सरकार आने वाले समय में यह धनराशि बढ़ा सकती है। साथ ही तीन किस्‍त के बजाय यह पैसा दो किस्‍त में दी जा सकती है। वहीं दूसरे बच्‍चे के पैदा होने के बाद आपको दोबारा लाभ मिल सकता है।

तीन किस्‍त में दी जाती है धनराशि
इस योजना के तहत 5000 की रकम तीन किस्‍त में दी जाती है। पहली किस्‍त 1000 रुपये आवेदन के समय, दूसरी किस्‍त जन्‍म के समय और तीसरी किस्‍त बच्‍चे को पोलियो से लेकर खसरा आदि का टीका लगने के बाद दिया जाता है।

कौन और कैसे ले सकता है लाभ
योजना का लाभ लेने के लिए महिला के पास आवेदन प्रपत्र एक ए, एमसीपी कार्ड, पहचान प्रमाण पत्र, बैंक, पोस्ट आफिस या अकाउंट पासबुक का होना भी जरूरी है। योजना के तहत लाभ प्राप्त करने के लिए कम से कम एक प्रसव पूर्व जांच होने के दावों को गर्भावस्था से 180 दिन बाद दस्तावेजों के साथ जमा करवाना होगा और इसके साथ ही आवेदन प्रपत्र एक बी तथा एनसीपी कार्ड भी लगाना होगा। इसके अलावा बच्‍चे के जन्‍म के बाद कई टीका भी लगाना जरुरी होता है। आवेदन आप नजदीकी स्‍वास्‍थ्‍य केंद्र पर कर सकते हैं।

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