Ukraine Fighter Jets: रूसी सेना में तबाही मचाएंगे यूक्रेन को मिल रहे 70 मिग- सुखोई जेट, भारत भी करता है इस्‍तेमाल


कीव
रूस के साथ जंग में फाइटर जेट की कमी का सामना कर रही यूक्रेन की सेना को 70 मिग-29 और सुखोई-25 फाइटर जेट मिलने की खबरें आ रही हैं। यूक्रेन के सांसदों का सोशल मीडिया पर दावा है कि उन्‍हें यूरोप के कई देशों से सोवियत जमाने के 70 फाइटर जेट मिल रहे हैं। माना जा रहा है कि इन लड़ाकू विमानों की मदद से यूक्रेन की वायुसेना पिछले 6 दिनों से जारी रूसी हमले का करारा जवाब दे सकेगी। मिग-29 लड़ाकू विमान बेहद खतरनाक होते हैं और भारत भी इनका इस्‍तेमाल करता है।

कई लोगों का यह भी दावा है कि यूक्रेन के कई पायलट इस समय पोलैंड में हैं और इन विमानों को ले रहे हैं। इससे पहले स्‍पेन के राजनेता जोसेफ बोरेल ने घोषणा की थी कि यूक्रेन को दी जा रही मदद में फाइटर जेट भी होंगे। उन्‍होंने कहा कि इन विमानों का इस्‍तेमाल यूक्रेन की वायुसेना करती रही है। ऐसे में उन्‍हें तेजी से जंग में ड्यूटी पर लगाया जा सकेगा। बताया जा रहा है कि पोलैंड, स्‍लोवाकिया और बुल्‍गारिया से मिग-29 फाल्‍कन और जमीनी हमला करने वाले सुखोई-25 फाइटर जेट शामिल हैं।
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मिसाइल से लेकर फाइटर जेट तक दे रहे हैं यूरोपीय देश
इस फाइटर जेट डील के लिए यूक्रेन के पायलट पोलैंड गए हुए हैं। यूक्रेन की संसद के सदस्‍य गल‍ीना ट्रेटयाकोवा ने भी इसी तरह की सूचना दी है। इससे पहले अमेरिका और यूरोपीय देशों ने यूक्रेन को बड़ी मात्रा में स्टिंगर एंटी एयरक्राफ्ट और जेवलिन एंटी टैंक मिसाइलें, लाखों की तादाद में असाल्‍ट राइफलें दी थीं। इन दोनों ही मिसाइलों के बल पर यूक्रेन की सेना रूस को करारा जवाब दे रही है। रूस के कई फाइटर जेट और टैंक तबाह हो गए हैं। इससे रूस के पूरे सैन्‍य अभियान को करारा झटका लगा है।
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बता दें कि रूस की सेनाओं ने यूक्रेन के दूसरे सबसे बड़े शहर खारकीव पर सोमवार को जमकर बमबारी की। वहीं रूसी सेना यूक्रेन की राजधानी कीव के और करीब पहुंच गई है और करीब 64 किमी लंबे काफिले में रूस के टैंक और अन्य सैन्य वाहन कूच कर रहे हैं। इस बीच युद्ध को रोकने के लिए चल रही वार्ता केवल आगे की दौर की वार्ता पर सहमति बनने के साथ ही समाप्त हो गई है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने कहा है कि बमबारी में वृद्धि केवल उनपर दबाव बनाने के उद्देश्य से की गई है। उन्होंने वीडियो संदेश में कहा, ‘रूस इन आसान तरीकों से (यूक्रेन पर) दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है। जेलेंस्की ने हालांकि दिन में दोनों पक्ष के बीच हुई लंबी वार्ता की जानकारी नहीं दी लेकिन उन्होंने कहा कि कीव कोई रियायत देने को तैयार नहीं है, वह भी तब जब एक ओर रॉकेट और तोप से हमले किए जा रहे हैं।’
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यूक्रेन की राजधानी को रूसी सेना ने चारों तरफ से घेरा
पिछले 6 दिन से जारी युद्ध से रूस अलग-थलग पड़ता जा रहा है जबकि यूक्रेन से भी उसे जोरदार प्रतिरोध का सामना करना पड़ा रहा है। घरेलू स्तर पर रूस को आर्थिक रूप से भी झटका लगा है। बेलारूस की सीमा पर सोमवार को जब रूस और यूक्रेन के बीच वार्ता हो रही तब कीव में धमाके सुनाई दे रहे थे और रूसी सैनिक 30 लाख की आबादी वाली यूक्रेन की राजधानी कीव की ओर बढ़ रहे थे। उपग्रह तस्वीरों के मुताबिक बख्तरबंद गाड़ियों, टैंक, तोप और अन्य सहायक वाहनों का काफिला शहर से करीब 25 किलोमीटर की दूरी पर हैं और इसकी लंबाई करीब 64 किमी है। जेलेंस्की ने कहा, रूसियों के लिए कीव ‘मुख्य लक्ष्य’ है। उन्होंने कहा, ‘वे हमारे देश की राष्ट्रीयता को खंडित करना चाहते हैं और इसलिए राजधानी लगातार खतरे में है।’

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