Zelensky Assassination: जेलेंस्की की हत्या के लिए रूस ने भेजे 400 खूंखार भाड़े के हत्यारे! ‘पुतिन के शेफ’ ने थमाई टारगेट की लिस्ट


कीव : यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की कह रहे हैं कि रूस उनकी हत्या करवाना चाहता है। पहले भी वह अपने आप को दुश्मन का पहला टारगेट बता चुके हैं। उन्होंने अपने परिवार को टारगेट नंबर-2 बताया था। शनिवार को एक रिपोर्ट में इसको लेकर बड़ा दावा किया गया। द टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार 400 से अधिक खूंखार हत्यारे जेलेंस्की की हत्या करने के लिए अफ्रीका से यूक्रेन भेजे गए हैं। खबर है कि व्लादिमीर पुतिन ने एक वैगनर ग्रुप नाम की एक प्राइवेट मिलिशिया को जेलेंस्की और 23 अन्य सरकारी अधिकारियों की हत्या के लिए यूक्रेन भेजा है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि इस मिलिशिया को येवगेनी प्रिगोझिन चलाता है जो पुतिन का बेहद करीबी है और ‘पुतिन के शेफ’ के नाम से मशहूर है। पांच हफ्ते पहले उसने पुतिन से मुलाकात की थी और इस मिशन के लिए उसे बड़ी रकम की पेशकश की गई है। इन हत्यारों को हाई-लेवल की ट्रेनिंग दी गई है। ये अपनी हिट-लिस्ट के साथ क्रेमलिन की ओर से ‘ग्रीन सिग्नल’ मिलने का इंतजार कर रहे हैं। इनकी सूची में यूक्रेन के प्रधानमंत्री, पूरी कैबिनेट, कीव के मेयर और उनके भाई का नाम शामिल है।
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4000 हत्यारे जनवरी में आए थे यूक्रेन
हालांकि यूक्रेन के करीब पहुंचने पर इनके प्लान को करारा झटका लगा। कीव में 36 घंटे का बेहद सख्त कर्फ्यू लगा दिया गया है। सभी को अपने घरों के भीतर रहने की सलाह दी गई है ताकि सैनिक रूसी हत्यारों से खुलकर मोर्चा ले सकें। नागरिकों को चेतावनी दी गई है कि बाहर निकलने पर वे सैनिकों की गोलियों का निशाना बन सकते हैं क्योंकि उन्हें दुश्मन समझा जा सकता है। मिलिशिया के बारे में जानकारी रखने वाले एक सूत्र ने द टाइम्स को बताया कि 2000 से 4000 हत्यारे जनवरी में यूक्रेन आए थे लेकिन इनके मिशन दूसरे थे। इनमें से कुछ विद्रोही कब्जों वाले इलाकों में भेज दिए गए। जबकि कुछ को जेलेंस्की को निशाना बनाने का काम सौंपा गया।

जेलेंस्की पर नजर रख रहा ग्रुप
कहा जा रहा है कि यह ग्रुप जेलेंस्की और उनके साथियों के फोन ट्रैक कर रहा है और हर वक्त उनकी लोकेशन पर नजर रख रहा है। रिपोर्ट में एक दूसरे सूत्र के हवाले से बताया गया कि इस हफ्ते पुतिन जेलेंस्की के साथ शांति वार्ता करने वाले हैं इसीलिए फिलहाल उन्हें ‘रुकने’ के लिए कहा गया है। लेकिन कथित रूप से उन्हें बताया गया है कि रूसी राष्ट्रपति समझौता करने के इच्छुक नहीं हैं। इन आशंकाओं के बीच जब अमेरिका ने उन्हें देश से निकलने का ऑफर दिया तो उन्होंने इसे ठुकरा दिया। जेलेंस्की ने कहा कि हमें युद्ध में लड़ने के लिए हथियार चाहिए, भागने के लिए सवारी नहीं।

अफ्रीका और मिडिल ईस्ट में पूरे कर चुका है कई मिशन
डेलीमेल की खबर के अनुसार वैगनर ग्रुप अफ्रीका और मिडिल ईस्ट में कई मिशन को अंजाम दे चुका है। अब ये लड़ाके रूसी टैंकों को रास्ता दिखाने के लिए यूक्रेन में मौजूद हैं। जॉइंट फोर्सेस कमांड के पूर्व कमांडर जनरल सर रिचर्ड बैरन्स ने कहा कि इन्हें हराना बेहद मुश्किल है। सूत्रों ने टाइम्स को बताया कि मिलिशिया को पुतिन के प्लान के बारे में दिसंबर में बताया गया था जिसके कई हफ्तों बाद सेना को इसके बारे में सूचित किया गया।

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