Nawab Malik: नवाब मलिक को ईडी दफ्तर वापस लाया जायेगा, 25 फरवरी को पेट दर्द की शिकायत के बाद हुए थे भर्ती


मुंबई: महाराष्ट्र के कैबिनेट मिनिस्टर नवाब मालिक(Nawab Malik) को सोमवार के दिन मुंबई(Mumbai) के जेजे अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया जायेगा। आज उन्हें फिर से ईडी(ED) के दफ्तर ले जाया जायेगा है। आपको बता दें कि नवाब मलिक को पेट दर्द की शिकायत के बाद जेजे अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। दाऊद इब्राहिम(Dawood Ibrahim) मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार किए गए मलिक को अदालत ने 3 मार्च तक ईडी की कस्टडी में भेजा था।

उनकी बहन डॉ. सईदा खान ने बताया था कि नवाब मलिक को डायबिटीज, हाइपरटेंशन, किडनी और लिवर संबंधित शिकायतें थी। बीते वर्ष उनकी स्टोन की सर्जरी भी हुई थी। सईदा खान ने बताया कि पेशाब से ज्यादा खून जाने को लेकर उन्हें सबेरे जांच के लिए जेजे अस्पताल में लाया गया था

जज ने आदेश में क्या कहा
बचाव पक्ष के तमाम दलीलों को दरकिनार करते हुए पीएमएलए कोर्ट के जज ने अपने आदेश में कहा कि प्रथम दृष्टया यह साबित होता है कि इस प्रॉपर्टी पर नवाब मालिक का स्वामित्व है। ऐसे में बचाव पक्ष की यह दलील कि नवाब मलिक पर पीएमएलए के तहत मामला नहीं बनता है, यह गलत है। सूत्रों के मुताबिक नवाब मलिक ईडी के अधिकारियों को जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं बल्कि उन्हें डरा-धमका रहे हैं। ईडी सूत्रों की माने तो कुर्ला लैंड डील में नवाब मलिक के बेटे फराज पूरी तरह से शामिल थे। इस सेल डीड में 55 लाख रुपए देने के बाद हसीना पारकर के दक्षिण मुंबई स्थित घर पर उन्होंने हस्ताक्षर भी किए थे। यह डील साल 1999 से 2003 के बीच में हुई थी।

ईडी ने दर्ज किए बयान
इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने बीते दिनों अब्दुल्लाह अंसारी का भी बयान दर्ज किया है जो नवाब मलिक के भाई इकबाल के साथ काम करता था और दूसरे भाई असलम को जानता था। अंसारी यह भी जानता है कि फराज किसके साथ दक्षिण मुंबई स्थित ऑफिस में 50 लाख रुपये नकद और पांच लाख रुपये का चेक हसीना पारकर को देने गया था। उस जगह पर हसीना का बॉडीगार्ड सलीम पटेल भी मौजूद था।

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