Zelensky Profile : दुनिया को हंसाने वाला एक कॉमेडियन बना यूक्रेन का राष्ट्रपति, हिम्मत और आंसुओं के सहारे जंग लड़ रहे जेलेंस्की


कीव : यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की जब देश के दक्षिण-पूर्वी हिस्से में अपने परिवार के साथ बचपन गुजार रहे तो उनका यहूदी परिवार रूसी भाषा बोलता था। उनके पिता ने जेलेंस्की के इजराइल पढ़ने जाने पर भी पाबंदी लगा दी थी। विदेश में पढ़ाई करने के स्थान पर जेलेंस्की ने अपने देश में ही कानून की पढ़ाई की। स्नातक के बाद उन्होंने अभिनय और खास तौर से कॉमेडी (हास्य) को चुना। लोगों को हंसाने वाले एक कलाकार का देश आज राहत की सांस के लिए भी तरस रहा है और खुद जेलेंस्की के चेहरे पर हिम्मत और ‘आंखों में आंसू’ हैं।

जेलेंस्की 2010 में टीवी सीरीज ‘सर्वेंट ऑफ पीपुल’ से पॉपुलर हुए और यूक्रेन की एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री के शीर्ष कलाकारों में एक बन गए। इस सीरीज में जेलेंस्की ने हाई स्कूल के एक लोकप्रिय टीचर की भूमिका निभाई थी जो भ्रष्ट राजनेताओं से दुखी होकर अंत में देश का राष्ट्रपति बन जाता है। सीरीज के कुछ साल गुजरने के बाद जेलेंस्की वाकई यूक्रेन के राष्ट्रपति बन जाते हैं। लेकिन 2019 में राष्ट्रपति बनने के बाद जेलेंस्की ने कभी नहीं सोचा होगा कि उन्हें ये दिन भी देखना पड़ेगा जब रूस की सेना उनके देश, खास तौर से ऐतिहासिक कीव पर रॉकेट बरसा रही है।
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रूस का टारगेट होने के बाद भी कीव छोड़ने से इनकार
हालात ऐसे बन गए हैं कि पूरी दुनिया में डर फैल गया है और जेलेंस्की की नई भूमिका संभवत: अब 21वीं सदी के हीरो की हो गई है। इन हालात में भी 44 वर्षीय जेलेंस्की ने कीव छोड़ने से इनकार कर दिया है, जबकि उनका कहना है कि वह रूस के निशाने पर हैं। जेलेंस्की को एक वक्त में कमजोर मानने वाले राजनीतिक पर्यवेक्षकों (Political Observers) का कहना है कि उनके उदाहरण से वे प्रेरित हैं।

सांसदों से बोले- बच्चों की तस्वीर लगाएं
जेलेंस्की का एक किस्सा सोशल मीडिया पर खूब शेयर हो रहा है। ट्विटर पर एक यूजर ने लिखा, ‘2019 में अपने शपथ ग्रहण संबोधन के दौरान जेलेंस्की ने अपने सांसदों से कहा कि मैं नहीं चाहता कि आप मेरी तस्वीर अपने ऑफिस में लगाएं। राष्ट्रपति न ही कोई मसीहा होता है, न आदर्श और न ही कोई तस्वीर। इसके बजाय अपने बच्चों की फोटो को अपने दफ्तर में लगाएं और कोई भी फैसला लेने से पहले उसकी तरफ देखें।’

खारकीव में घुसी रूस की सेना
इसका एक उदाहरण है, अमेरिका ने जब उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने की पेशकश की तो जेलेंस्की ने शुक्रवार को जवाब दिया, ‘मुझे हथियार चाहिए, सुरक्षित रास्ता नहीं।’ रूस ने गुरुवार को यूक्रेन पर हमला किया और आज चौथा दिन है। रविवार को भी रूस की सेना यूक्रेन की सीमा में आगे बढ़ रही है और यूक्रेन के दूसरे सबसे बड़े शहर खारकीव में घुस चुकी है। युद्ध शुरू होने के बाद जेलेंस्की ने यूक्रेन की सुरक्षा के लिए महती प्रयास नहीं करने को लेकर अमेरिका की आलोचना की थी।

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