Tokyo Olympic: क्या दहाई मेडल का आंकड़ा छू सकेगा भारत? ये खिलाड़ी कर सकते हैं कमाल


नई दिल्ली. भारत कभी भी ओलंपिक में दहाई मेडल का आंकड़ा नहीं छू सका है. टोक्यो ओलंपिक (Tokyo Olympic) की उलटी गिनती शुरू हो चुकी है. 23 जुलाई से 8 अगस्त तक मुकाबले खेले जाने हैं. भारत के 115 खिलाड़ी 18 खेल में उतरेंगे. पदक की संख्या के आधार पर भारत का सबसे अच्छा प्रदर्शन 2012 में लंदन में रहा था. तब हमारे खिलाड़ियों ने कुल 6 मेडल जीते थे. इसमें 2 सिल्वर और 4 ब्रॉन्ज मेडल था. लेकिन खिलाड़ी 2016 रियो ओलंपिक में इस प्रदर्शन को बरकरार नहीं रख सके थे. तब हमें सिर्फ दो मेडल मिला था.

ओलंपिक इतिहास की बात की जाए तो हमारे खिलाड़ी अब तक सिर्फ 9 गोल्ड, 7 सिल्वर और 12 ब्रॉन्ज सहित सिर्फ 28 मेडल ही जीत सके हैं. लेकिन इस बार खिलाड़ियों से दहाई मेडल की उम्मीद की जा रही है. हाल ही में भारतीय हॉकी टीम के प्रदर्शन को देखें या शूटिंग के खिलाड़ियों के वर्ल्ड कप के रिकॉर्ड पर नजर डालें, यह उत्साह बढ़ाने वाला है. आइए जानते हैं कि आखिर कौन से खिलाड़ी हमें इस बार मेडल दिला सकते हैं.

हॉकी: पुरुष हॉकी टीम ने पिछले दिनों यूरोप का दौरा किया और अच्छा प्रदर्शन दिखाया. वर्ल्ड रैंकिंग की बात की जाए तो टीम चौथे नंबर पर है. हॉकी में हमारा प्रदर्शन सबसे अच्छा रहा है. लेकिन 1980 के बाद से इस खेल में हमें एक भी मेडल नहीं मिला है. कप्तान मनप्रीत सिंह तीसरी बार ओलंपिक में उतर रहे हैं. ऐसे में वे भी कोई कसर नहीं छोड़ेंगे. कुल 12 टीमें टोक्यो में उतरेंगी और तीन को मेडल मिलना है.

दीपिका कुमारी: दीपिका कुमार दुनिया की नंबर-1 आर्चर हैं. पिछले दिनों उन्होंने वर्ल्ड कप में गोल्डन हैट्रिक लगाई. हालांकि पहले भी वे ओलंपिक में उतर चुकी हैं, लेकिन वे अब तक मेडल नहीं जीत सकी हैं. इस समय वे अच्छी फॉर्म में हैं. ऐसे में टोक्यो में कमाल कर सकती हैं.

नीरज चोपड़ा और अनू रानी: एथलेटिक्स में सबसे अधिक मेडल होते हैं. लेकिन भारतीय खिलाड़ी आज तक सिर्फ दो मेडल जीत सके हैं. वो भी 121 साल पहले. यानी एथलेटिक्स में मेडल का इंतजार लंबा है. लेकिन इस बार खिलाड़ी इसे हासिल कर सकते हैं. जैवलिन थ्रो खिलाड़ी नीरज चोपड़ा और अनू रानी का प्रदर्शन अच्छा रहा है. इसके अलावा मुरली श्रीशंकर और अविनशा साबले भी हमें मेडल दिला सकते हैं.

पीवी सिंधु: बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधु ने 2016 रियो ओलंपिक में सिल्वर मेडल जीता था. हालांकि पिछले कुछ समय से उनका प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा है. लेकिन वे भी मेडल की बड़ी दावेदार मानी जा रही हैं. रियो में उन्हें स्पेन की कैरोलिना मारिन ने हराया था. लेकिन वे इस बार चोट के कारण नहीं खेल रही हैं.

एमसी मैरीकॉम और अमित पंघाल: बॉक्सिंग की बात की जाए तो 6 बार की वर्ल्ड चैंपियन एमसी मैरीकॉम का नाम सबसे ऊपर आता है. 38 साल की इस खिलाड़ी ने 2012 में लंदन ओलंपिक में ब्रॉन्ज मेडल जीता था. वे अपने अंतिम ओलंपिक में मेडल जीतना चाहेंगी. वहीं पुरुष कैटेगरी में अमित पंघाल ने कमाल का प्रदर्शन किया है. 52 किग्रा वेट कैटेगरी में वे अभी नंबर-1 पर हैं.

सौरभ चौधरी और मनु भाकर: टोक्यो में मेडल की सबसे ज्यादा उम्मीद शूटिंग के खिलाड़ियों से ही है. पिछले सालों में इन खिलाड़ियों ने वर्ल्ड कप में लगातार अच्छा प्रदर्शन किया है और गोल्ड मेडल जीते हैं. सौरभ चौधरी, मनु भाकर, एलावेनिल वलारिवान से मेडल की बड़ी उम्मीद है.

बजरंग पूनिया और विनेश फोगाट: कुश्ती में पिछले तीन ओलंपिक से हमें मेडल मिल रहे हैं. ऐसे में इस बार भी मेडल की उम्मीद की जा रही है. बजरंग पूनिया और विनेश फोगाट मेडल की सबसे बड़ी उम्मीद हैं. दोनों खिलाड़ियों ने वर्ल्ड चैंपियनशिप में भी शानदार प्रदर्शन किया है.



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