Rajasthan Students In Ukraine: 4 साल यूक्रेन में पढ़ाई के बाद जालोर की दिशा को सता रही कॅरियर की चिंता


जालोर: रूस-यूक्रेन के बीच हो रहे विवाद को देखते हुए यूक्रेन में मेडिकल की शिक्षा ले रहे भारतीय विद्यार्थियों को लेकर भारत सरकार भी चिंता जता रही है और उन्हें सुरक्षित भारत लाने के भी प्रयास किए जा रहे हैं। जालोर की एक विद्यार्थी दिशा सांखला हाल ही में यूक्रेन से जालोर पहुंची हैं। जिन्होंने नवभारत टाइम्स ऑनलाइन के साथ में अपने अनुभव साझा किये हैं। दिशा ने यूक्रेन में बैठे उनके मित्रों के साथ भी व्हाट्सएप के जरिए संपर्क कर ताजा हाल जाने हैं।

जालोर के राजेंद्र नगर निवासी वेलाराम सांखला की पुत्री दिशा सांखला यूक्रेन के ओडिसा शहर में एमबीबीएस की फोर्थ ईयर की स्टूडेंट है। दिशा ने कहा, ‘यूक्रेन महिलाओं को सर्वाधिक सुरक्षा देने वाला देश है, वहां कभी भी इतना क्राइम नहीं होता। लेकिन वर्तमान में जो हालात बने है उससे वहां का मंजर थोड़ा खौफनाक जरूर हुआ है। दोनों देशों के विवाद को देखते हुए वहां से भारत आना मुनासिब समझा है।’

दिशा सांखला 23 फरवरी को अपने घर जालौर पहुंची हैं। लेकिन दिशा के कई साथी क्लासमेट भी अभी यूक्रेन में ही है। दिशा ने अपने साथियों के साथ संपर्क बनाया है और उसका कहना है कि ताजा हालातों पर नजर रखी जा रही है। दिशा का कहना है कि अभी 2 साल की और पढ़ाई बाकी है। जिसकी चिंता उन्हें हो रही है।

हवाई किराया अधिक हुआ पर मोदीजी पर भरोसा है
दिशा ने बताया कि, ‘ आमतौर पर जो हवाई सेवा का किराया लगता था, इस विवाद के बाद भारतीय हवाई सेवा में किराए में कम से कम 4 गुना बढ़ोतरी तो हुई है। जो चिंताजनक विषय है। फिर भी उन्हें मोदी सरकार पर भरोसा है कि वे भारत के विद्यार्थियों को सुरक्षित अपने देश ले आएंगे।’

एम्बेसी से सम्पर्क बनाये हुए है भारतीय स्टूडेंट्स
दिशा ने नवभारत टाइम्स ऑनलाइन के साथ बातचीत करते हुए अपने क्लासमेट कोटा के अद्वितीय से व्हाट्सएप पर वीडियो कॉलिंग के जरिए बात कर वर्तमान हालातों से के बारे में जानकारी ली। यूक्रेन से अद्वितीय ने बताया कि, ‘राजस्थान के उनके कई साथी बंकरों में छिपे हुए हैं। हालांकि भारतीय राजदूत ने उन्हें एंबेसी तक पहुंचने का कहा है, लेकिन किस रास्ते से पहुंचना यह स्पष्ट नहीं हो पाया है। जिस कारण अपने स्थानों पर ही टिके हुए हैं।’

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