UNSC में यूक्रेन मुद्दे पर भारत के रुख की रूस ने दिल खोलकर तारीफ की, जानें क्या-क्या कहा?


मॉस्को: रूस ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (News about UNSC Ukraine) में भारत के रुख की दिल खोलकर तारीफ की है। यूक्रेन पर हमले को लेकर अमेरिका और दूसरे पश्चिमी देश रूस के खिलाफ निंदा प्रस्ताव (UNSC Meeting Russia Ukraine) लेकर आए थे। इस प्रस्ताव पर शनिवार देर रात हुई वोटिंग से भारत ने किनारा किया। जिसके बाद रूस ने कहा कि भारत की स्वतंत्र और संतुलित स्थिति की अत्यधिक सराहना करते हैं। इससे पहले भी रूस ने यूक्रेन के साथ तनाव पर भारत की नीति की जमकर प्रशंसा (Russia India Relations) की थी। मतदान के दिन ही यूक्रेन के विदेश मंत्री दिमित्रो कुलेबा ने भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर को फोन कर मदद मांगी थी। जिस पर जयशंकर ने दो टूक लहजे में कहा था कि उन्होंने अपने यूक्रेनी समकक्ष से इस बात पर जोर दिया कि भारत समाधान के लिए कूटनीति और बातचीत का समर्थन करता है। भारत के यूएनएससी में मतदान से नदारद रहने के बाद अब खुद यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात की है। उन्होंने रूस की सैन्य कार्रवाई को रोकने में भारत की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया है।

रूसी दूतावास ने ट्वीट कर भारत की तारीफ की
यूएनएससी में मतदान के एक दिन बाद भारत में रूसी दूतावास ने ट्वीट किया कि हम 25 फरवरी 2022 को यूएनएससी में मतदान में भारत की स्वतंत्र और संतुलित स्थिति की अत्यधिक सराहना करते हैं। विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी की भावना में रूस यूक्रेन के आसपास की स्थिति पर भारत के साथ घनिष्ठ संवाद बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं। रूसी दूतावास के इस ट्वीट के नीचे संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक में हिस्सा ले रहे भारत के स्थायी प्रतिनिधि टीएस तिरुमूर्ति के बयान का वीडियो लगा हुआ है। जिसमें तिरुमूर्ति यूएनएससी की बैठक में भारत के विचार को रखते दिखाई दे रहे हैं।

भारत ने यूएनएससी की बैठक में क्या कहा?
भारत के स्थायी प्रतिनिधि तिरुमूर्ति ने कहा कि यूकेन के मौजूदा हालात पर भारत गहरी चिंता व्यक्त करता है। हम सभी पक्षों से हिंसा और शत्रुता जल्दी खत्म करने की अपील करते हैं। मानव जीवन की कीमत पर कोई निदान नहीं निकल सकता। हम यूक्रेन में फंसे भारतीयों की सुरक्षा को लेकर हम बहुत चिंतित हैं। मौजूदा वैश्विक व्यवस्था यूएन चार्टर, अंतरराष्ट्रीय कानून और देशों की संप्रभुता के सम्मान के आधार पर बनी है। सभी देशों को इन सिद्धांतों का पालन करना चाहिए। कूटनीति का रास्ता छोड़ देना निंदनीय है, हमें इसी रास्ते पर लौटना चाहिए। उन्होंने आखिरी में बताया कि इन सभी कारणों से भारत इस प्रस्ताव पर वोटिंग से अनुपस्थित रहने का फैसला करता है।

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रूस के खिलाफ पारित नहीं हो सका प्रस्ताव
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में रूस के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पर वोटिंग का सिर्फ भारत ने नहीं, बल्कि चीन और सऊदी अरब ने भी बहिष्कार किया। रूस ने इस प्रस्ताव पर वीटो का इस्तेमाल किया। इस निंदा प्रस्ताव के पक्ष में 11 और विपक्ष में एक वोट पड़ा। अमेरिका, ब्रिटेन, रूस, चीन और फ्रांस परिषद के स्थायी सदस्य हैं। ऐसे में इन देशों के पास वीटो का अधिकार है। भारत इसका स्थायी सदस्य नहीं है और उसका दो साल का मौजूदा कार्यकाल इस साल खत्म हो रहा है। रूस के वीटो के इस्तेमाल के कारण यह प्रस्ताव संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से पास नहीं हो सका।

Modi Putin Meets Today 01

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और व्लादिमीर पुतिन

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