वरुण गांधी ने कहा – माल्या, मोदी और चौकसी से 18 हजार करोड़ रुपए की वसूली अपर्याप्त



नीरव मोदी, मेहुल चौकसी और विजय माल्या से बैंकों द्वारा वसूले गए 18 हजार करोड़ की रकम पर वरुण गांधी ने कहा कि एक चौथाई रकम अपर्याप्त है।

बीजेपी सांसद वरुण गांधी पिछले 8 महीनों से लगातार अपनी ही पार्टी और सरकार को निशाने पर ले रहे हैं। दरअसल हाल ही में सुप्रीम कोर्ट में केंद्र सरकार ने बताया था कि विजय माल्या, नीरव मोदी और मेहुल चौकसी से बैंकों को 18 करोड़ रुपए वापस मिल गए हैं। कुछ दिन पहले ही वरुण गांधी ने निजीकरण को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा था और अब वरुण गांधी ने आर्थिक भगोड़ों को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है।

वरुण गांधी ने ट्वीट करते हुए लिखा कि, “67 हजार करोड़ की चोरी कर देश छोड़ चुके धनपशुओं से विगत 7 वर्षों में मात्र एक चौथाई धन वसूली कतई पर्याप्त नही है। देश के ‘आर्थिक शत्रुओं’ पर इस ‘रहमदिली’ का बोझ आम हिंदुस्तानी अपने कंधों पर ढो रहा है, जब बचत खाते की ब्याज दरें आज ऐतिहासिक रूप से निचले स्तर पर हैं।”

केंद्र सरकार ने सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता के माध्यम से सुप्रीम कोर्ट में जानकारी दी थी कि नीरव मोदी, मेहुल चौकसी और विजय माल्या से 18 हजार करोड़ रुपए बैंकों को वापस मिल गए हैं। साथ ही तुषार मेहता ने बताया था कि पीएमएलए कानून के तहत अब तक 67 हजार करोड़ रुपए के मामले सुप्रीम कोर्ट में लंबित है।

साथ ही सुप्रीम कोर्ट में तुषार मेहता ने बताया था कि पीएमएलए कानून के तहत पिछले 5 सालों में हर साल जांच के लिए मामलों की संख्या बढ़ रही है। वर्तमान में ईडी द्वारा करीब 4700 PMLA मामलों की जांच की जा रही है। लेकिन अन्य देशों की तुलना में हमारे यहां पीएमएलए के तहत जांच के बहुत कम मामले उठाए जा रहे हैं।

वहीं पिछले हफ्ते (18 फरवरी) भी वरुण गांधी ने नीरव मोदी को लेकर सरकार पर तंज कसा था और ट्वीट करते हुए लिखा था कि, “विजय माल्या-9000 करोड़, नीरव मोदी-14000 करोड़, ऋषि अग्रवाल-23000 करोड़! आज जब कर्ज के बोझ तले दब कर देश में रोज लगभग 14 लोग आत्महत्या कर रहे हैं, तब ऐसे धन पशुओं का जीवन वैभव के चरम पर है। इस महा भ्रष्ट व्यवस्था पर एक ‘मजबूत सरकार’ से ‘मजबूत कार्यवाही’ की अपेक्षा की जाती है।”

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