बीएमसी चुनाव के पहले शिवसेना नेता पर इनकम टैक्स की रेड, स्थायी समिति के चेयरमैन यशवंत जाधव


मुंबई:आयकर विभाग ने शुक्रवार सुबह मुंबई(Mumbai) में शिवसेना(Shivsena) नेता यशवंत जाधव के कुछ ठिकानों पर रेड डाली। यशवंत जाधव बीएमसी(BMC) की स्थायी समिति के अध्यक्ष हैं। उनकी पत्नी एमएलए हैं। वह कैबिनेट मंत्री नवाब मलिक(Nawab Malik) की गिरफ्तारी के विरोध में गुरुवार को मोर्चे में शामिल हुई थीं। बीजेपी के नेता जाधव पर 15 करोड़ रुपये की हेरा-फेरी का आरोप लगा चुके हैं।इनकम टैक्स की टीम शुक्रवार सुबह मझगांव में यशवंत जाधव के घर पहुंची। सूत्रों के अनुसार, इनकम टैक्स की टीम कुछ और जगह भी गई। इनमें बीएमसी के कुछ ठेकेदारों के नाम बताए जा रहे हैं। आईटी टीम इस छापेमारी में जब्त कागजात ईडी से भी शेयर कर सकती है।यशवंत का बीएमसी में यह चौथा कार्यकाल है। वह 2017 में शिवसेना महापौर पद के प्रमुख दावेदार थे। उन्हें 2018 में बीएमसी की स्थायी समिति का अध्यक्ष बनाया गया। उन पर छापे की खबर दिन भर बीएमसी के गलियारों में चर्चा का विषय बनी रही।

तिजोरी की चाबी
पिछले 25 सालों से शिवसेना की महानगरपालिका में सत्ता है। हाल ही में राज्य में सरकार बनाने वाली पार्टी के लिए बीएमसी संसाधन का प्रमुख स्रोत माना जाता है। ऐसे में, इस छापेमारी का असर आगामी चुनावों पर पड़ना स्वाभाविक है। पिछले चार सालों में केवल कैपिटल एक्सपेंडिचर यानी नए प्रॉजेक्ट के लिए 40000 करोड़ रुपये बीएमसी की इसी स्थायी समिति के माध्यम से मंजूर हुए हैं। इसका सदस्य बनने के लिए विभिन्न पार्टियों के नगरसेवकों के बीच जमकर स्पर्धा होती है।

बीजेपी है बेकरार
देवेंद्र फडणवीस के मुख्यमंत्री रहते हुए बीजेपी ने बीएमसी पर सत्ता के लिए काफी बेचैनी दिखाई थी। लेकिन राज्य सरकार की स्थिरता के लिए उस समय वो ज्यादा कुछ कर न सकी। लेकिन राज्य में राहें जुदा होने के बाद बीजेपी ने शिवसेना को घेरने का कोई मौका नहीं छोड़ा है। कोरोना काल में तो पार्टी के पक्ष नेता विनोद मिश्रा भ्रष्टाचार की शिकायतों को लेकर राज्यपाल से लेकर एंटी करप्शन तक हर दरवाजे खटखटा हुए यशवंत पर खासे आक्रामक रहे। पार्टी ने अपना ग्रुप नेता प्रभाकर शिंदे को बनाया जो कि पुराने शिवसैनिक रहे हैं और टेंडर मामलों पर अच्छी पकड़ रखते हैं। बीएमसी के मसलों पर अच्छी पकड़ रखने वाले विधायक आशीष शेलार का भी यशवंत के साथ कई बार ट्विटर पर तीखे आरोप-प्रत्यारोप देखने को मिला है।

यशवंत की पकड़ यशवंत जाधव की स्थायी समिति प्रमुख होने के नाते सीधे आलाकमान तक पकड़ है। एक नेता ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि पिछले कुछ सालों से यशवंत की बीएमसी में दबंगई बढ़ते जा रही थी। हम चाहकर भी कुछ नहीं बोल पा रहे थे। हर मामले में उनका सीधा दखल होता था। उनका कैबिनेट मंत्री की तरह रुतबा होता है। लोकसभा, विधानसभा और फिर आगामी बीएमसी चुनावों के मद्देनजर पार्टी लगातार उन पर ही भरोसा जता रही थी। हाल ही में, उनके इलाके में बनाई गई महाराणा प्रताप की प्रतिमा का मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने वर्चुअल तरीके से उद्घाटन किया था।

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