डांट-डपट करने वाले माता-पिता के बच्चों में कमियां रहती हैं


कई पैरेंट्स को लगता है कि बच्चों को जीवन में सक्सेसफुल बनाना और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए उन्नी अनुशासन में रखना बहुत नियमायक होता है और अनुशासन में रहने के लिए पैरेंट्स अकसर सख्त पैरेंटिंग को अपनाते हैं। क्या आप भी अपने बच्चे के साथ यही उम्मीद करते हैं कि वो बिना सवाल किए आपके हर आदेश का पालन करें? क्‍या आपको भी लगता है कि अगर वो आपकी बात सुनता है, तभी वो आपसे प्‍यार करता है? क्या आपको ये भी लगता है कि जब भी वो आपकी बात को अस्वीकार करता है, तो उसे सख्त सजा दी जानी चाहिए? अगर आपके बच्चे के साथ बहुत ज्यादा गुस्सा है, तो हो सकता है कि आप अपने बच्चे को फिजिकल और इमोशनली एब्यूज कर रहे हों।

विज्ञान में प्रमाण हो गया है कि जिन बच्चों की काफी साख्त माहौल में परवरिश की जाती है, आगे चलकर उनके आत्म-विश्वास में कमी होती है, दूसरे बच्चे से वो बुली होते हैं और यहां तक ​​कि अवसाद की चपेट में भी आ सकते हैं। कई बच्चे के वजन संबंधी समस्याएं और खुद पर कंट्रोल करने को लेकर परेशान रहते हैं। पैरेंट्स का ऐसा करना गलत होता है और आज इस आर्टिकल में हम आपको बता रहे हैं कि माता-पिता का अपने बच्चे के साथ हैड से ज्‍यादा साख‍त होना, उस पर क्‍या प्रभाव डालता है।

आत्मविश्वास में कमी

ऑथोरिटियन पैरेंट्स के बच्चों में अकसर आत्मविश्वास में कमियाँ होती हैं। इनमें से व्यवहार से संबंधित समस्‍याएं होती हैं और ये खुद अपनी मर्जी से कोई कदम या निर्णय नहीं ले पाते हैं।

डिप्रेशन

जिन बच्चों के माता-पिता उनकी आलोचना करते हैं और उनकी भावनाओं को खारिज करते हैं, उनमें अवसाद और चिंता विकसित होने की संभावना अधिक होती है। यदि आप भी अपने बच्चे की भावनाओं, बातों और राय को महत्व नहीं देते हैं, तो शायद आप स्वयं ही उसे अवसाद की ओर इशारा कर रहे हैं।

बुली होते हैं

ये बच्चेचे या तो दूसरे बच्चों को धमकाने की प्रवृत्ति रखते हैं या फिर ये बहुत डरपोक और कम आत्मविश्‍वासी होते हैं कि दूसरे बच्‍चे धमकाने वाले होते हैं। ये ज्‍यादातर बुली करते हैं क्‍योंकि ये अपने घर पर भी इसी तरह का व्‍यवहार देखते हैं।

​बिहेवरियल प्रॉब्लम्स

8 से 10 साल की उम्र के 600 बच्चों पर किए गए एक अध्ययन से पता चला है कि सख्त अभिभावकों के बच्चों में बिहेवियर संबंधी सबसे अधिक समस्या होती है। वे अधिक उद्दंड व्यवहार, अति सक्रियता, पहल और असामाजिक व्यवहार का चित्रण करते हैं। वे अधिक सहयोगी आतंकवादी भी होते हैं और वे कम समर्थक सामाजिक व्यवहार दिखाते हैं।

अनुसंधान क्या कहता है

जॉर्जिया विश्वविद्यालय के एक अध्ययन में पाया गया कि जिन बच्चों के माता-पिता सख्त होते हैं, उनके बाहर काम करने या घर से दूर रहने की संभावना अधिक होती है। वे बड़े होने के बाद सेल्फ-रेगुलेट करते हैं और हल करने में भी कम सक्षम होते हैं।

जब बच्चा छोटा होता है तो उसके माता-पिता में दिशा-निर्देशों को लागू करने की अधिक क्षमता होती है। जैसे-जैसे बच्चे पहचान में होते हैं, वे अपने व्यवहार को नियंत्रित करना नहीं चाहते हैं। किसी भी समस्या को हल करने का भ्रम नहीं होता।

सख्त माता-पिता के बच्चे छोटे होते हैं ये नुकसान

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