अमेरिका ने हिंद महासागर में दिखाई महाविनाशक मिसाइलों से लैस परमाणु पनडुब्‍बी, निशाने पर चीन या कौन? जानें ताकत


डियागोगार्सिया: अमेरिका की नौसेना ने एक बार फिर से अपनी महाविनाशक मिसाइलों से लैस परमाणु पनडुब्‍बी की तैनाती का ऐलान करके दुनिया को हैरान कर दिया है। अमेरिका की यह ओहियो क्‍लास की परमाणु पनडुब्‍बी यूएसएस वेस्‍ट वर्जिनिया भारत से कुछ सौ समुद्री मील की दूरी पर हिंद महासागर में स्थित अमेरिकी नौसैनिक अड्डे डियागोगार्सिया पहुंची है। डियागोगार्सिया द्वीप पर तकनीकी रूप से ब्रिटेन का कब्‍जा है लेकिन उसने इसे अमेरिका को दे दिया है। अमेरिका के रणनीतिक कमांड ने इस पनडुब्‍बी के पहुंचने का ऐलान किया है।

अमेरिका का डियागोगार्सिया नेवल बेस हर तरह की सैन्‍य सुविधाओं से लैस है और पिछले दिनों यहां अमेरिकी परमाणु बॉम्‍बर भी पहुंचे थे। अमेरिका ने हाल के महीनों में बहुत असामान्‍य तरीके से अपनी मिसाइलों से लैस ओहियो सबमरीन के स्‍थान के बारे में ऐलान किया है। परमाणु सबमरीन का रास्‍ता और उसके रुकने की जगह के बारे में ज्‍यादातर देश बहुत ज्‍यादा गोपनीयता रखते हैं। अमेरिका के पास इस तरह की 4 पनडुब्बियां हैं जो मिसाइलों से लैस हैं। विश्‍लेषकों का कहना है कि अमेरिका ने इसका ऐलान करके रूस, चीन और उत्‍तर कोरिया को कड़ा संदेश दिया है।
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एक साथ 14 परमाणु बम को ले जा सकती सबमरीन
अमेरिकी नौसेना ने बताया कि यह पनडुब्‍बी 25 अक्‍टूबर से 31 अक्‍टूबर के बीच डियागोगार्सिया के दौरे पर थी। अमेरिका ने कहा कि पनडुब्‍बी की यह गश्‍त हमारे सहयोगियों की सुरक्षा और स्थिरता को ध्‍यान में रखकर किया गया है। ओहियो क्‍लास की प्रत्‍येक सबमरीन पर 20 ट्राइडेंट 2 सबमरीन से लॉन्‍च की जाने वाली मिसाइल को तैनात किया जा सकता है। ट्राइडेंट-2 में एमआईआरवी तकनीक लगी है जिससे एक ही मिसाइल के हमले में कई लक्ष्‍यों को तबाह किया जा सकता है। यह मिसाइल एक साथ 14 परमाणु बम को अपने साथ ले जा सकती है।

द ड्राइव की रिपोर्ट के मुताबिक इस सबमरीन पर कुछ मिसाइलों के अंदर परमाणु बम W76-2 भी तैनात किया गया है। अमेरिका की 4 ओहियो सबमरीन 154 टॉमहॉक क्रूज मिसाइलों को लेकर जा सकती हैं। अमेरिकी नौसेना में इन परमाणु सबमरीन की भारी मांग है। ये समबमरीन अमेरिकी नौसेना को दुश्‍मन के इलाके में विशेष अभियान चलाने की भी ताकत देती हैं। इससे पहले अमेरिका की नौसेना ने वेस्‍ट वर्जीनिया सबमरीन की अरब सागर में तैनाती का खुलकर ऐलान किया था। ओहियो सबमरीन को अमेरिका का जवाबी परमाणु हमला करने का सबसे घातक हथियार माना जाता है। इसकी गणना दुनिया की सबसे शक्तिशाली पनडुब्बियों में की जाती है।

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