जी-20 अध्‍यक्ष के रूप में सफल होना चाहता है भारत तो चीन के साथ करे सहयोग, ग्‍लोबल टाइम्‍स ने दी नसीहत


बीजिंग : भारत और चीन के संबंधों में आने वाले दिनों में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। दोनों देश जी-20 समूह के सदस्य हैं जिसकी अध्यक्षता 1 दिसंबर से भारत के हाथ में होगी। जाहिर है कि आने वाले दिनों में कई मंचों पर दोनों देशों का आमना-सामना हो सकता है। इस बीच चीन के सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स ने भारत को ‘ज्ञान’ देने की कोशिश की है। उसका कहना है कि भारत को जी-20 की अध्यक्षता को चीन के साथ बातचीत के अवसर के रूप में देखना चाहिए। एक पूर्व उप एनएसए के बयान को लेकर चीन ने भारत को जी-20 सदस्यों के साथ सहयोग के प्रति ‘सकारात्मक रवैया’ अपनाने की नसीहत दी है। हैरत की बात यह है कि ये नसीहतें वह चीन दे रहा है जो किसी भी समारोह की मेजबानी को राजनीतिक रंग देने से नहीं चूकता, चाहें वह कोई शिखर सम्मेलन हो या खेल टूर्नामेंट।

ग्लोबल टाइम्स ने कहा, ‘अगर भारत यह आश्वासन देना चाहता है कि उसकी जी-20 अध्यक्षता ‘समावेशी, महत्वाकांक्षी, निर्णायक और काम करने के लिए’ होगी, जैसा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस महीने की शुरुआत में कहा था, तो उसे चीन सहित अन्य G-20 सदस्यों के साथ अपने सहयोग और बातचीत के प्रति अधिक सकारात्मक रवैया रखना चाहिए।’ चीन के अखबार ने कहा, ‘जी-20 अध्यक्षता चीन और बाकी दुनिया के साथ भारत की बातचीत के लिए एक चुनौती के बजाय एक अवसर के रूप में होनी चाहिए।’

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भारत के पूर्व उप राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ने क्या कहा
चीन के सरकारी अखबार का यह लेख भारत के पूर्व उप राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) के उस बयान पर केंद्रित है जिसमें उन्होंने भारत-चीन संबंधों को लेकर एक भविष्यवाणी की थी। पूर्व एनएसए पंकज सरन ने रविवार को कहा था कि जी-20 अध्यक्षता के दौरान भारत के लिए चीन से निपटना एक चुनौती होगा। उन्होंने कहा था कि पड़ोसी देश के प्रति भारत का ‘सतर्क’ दृष्टिकोण होगा और शब्दों के बजाय कार्यों से उसका आकलन करेगा। उम्मीद है कि चीन भारत के साथ एक ‘उभरती हुई शक्ति’ के रूप में व्यवहार करेगा।

पीएम मोदी ने की युवाओं से अपील
प्रधानमंत्री मोदी ने रविवार को कहा कि जी-20 की अध्यक्षता भारत के लिए एक बड़ा अवसर है। देश को इसका पूरा इस्तेमाल ‘विश्व कल्याण’ में करना चाहिए। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में देश के अलग-अलग हिस्सों में जी-20 से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे जिसमें दुनिया के अलग-अलग हिस्सों से लोगों को मौका दिया जाएगा। पीएम मोदी ने युवाओं से किसी न किसी रूप में जी-20 से जुड़ने का आग्रह किया।

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