मेकअप इन प्रोडक्ट्स में खुला है जहर, करते हैं इस्तेमाल तो मान लें डॉक्टर की यह सलाह


देश में वीजा का सीजन शुरू होते ही पार्लर और कॉस्मेटिक शॉप पर भीड़ देखते हैं। सेलेब्स की तरह ड्रेस और मेकअप लुक के लोगों में बहुत क्रेज होता है। वैसे तो लड़के भी फैशन मेकअप करने लगे हैं लेकिन ज्यादातर लड़कियों को इन सबका बहुत शौक होता है। खुद को डेकोरेट करने में कुछ गलत भी नहीं है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि ये उत्पाद सुंदर और अच्छे दिखने वाले हैं, आप वास्तव में बीमार रहते हैं।

होम्योपैथिक डॉक्टर स्मिता भोईर पाटिल बताते हैं ज्यादातर कॉस्मेटिक प्रोडक्ट्स में ऐसे केमिकल मिले होते हैं, जो सेहत के लिए खतरनाक होते हैं। इसका अत्यधिक उपयोग या लंबे समय तक इसका सेवन त्वचा पर रहने से हार्मोन में परिवर्तन के साथ कुछ प्रकार के कैंसर होने का खतरा भी होता है।

जानकार ने बताया मेकअप के ये सामान है सेहत के लिए खतरनाक

कॉम्पैक्ट पाउडर / टैल्कम पाउडर

सांकेतिक रूप से करार पाउडर या टैल्कम पाउडर त्वचा के लिए खतरनाक होते हैं। फिक्सर पिसा होने के कारण यह पाउडर त्वचा के रोम शटर को बंद कर देता है। इससे त्वचा के हेल्दी सेल्स ऑक्सीजन की कमी से नष्ट होने लगते हैं, और त्वचा बूढ़ी होने का अनुमान है। इसके अलावा यह मौजूदा चकत्तों को बदतर स्थिति में या नए चकत्तों का कारण भी बन सकता है। कुछ टैल्कम पाउडर में एस्बेस्टस और स्पास्टिस नामक पदार्थ होता है फेफड़े का कैंसर का कारण बन सकता है।

नेल पॉलिश / नेल पेंट रिमूवर

होम्योपैथिक चिकित्सक के अनुसार नेल पॉलिश में टॉलुनिन, फॉर्मलडिहाइड और डिब्यूटाइल थैलेट जैसे खतरनाक रसायन होते हैं। वहीं, नेल पेंट रिमूवर में एसीटोन होता है। ये सभी पदार्थ बहुत एक्सपोजर होते हैं।

कुछ अध्ययन में इस बात का भी दावा किया गया है कि नेल पेंट में मौजूद रासायनिक त्वचा आसानी से अवशोषित हो सकती है। ऐसे में इन उत्पादों के इस्तेमाल से हॉर्मोन परिवर्तन, मधुमेह और त्वचा के असंतुलित होने का खतरा होता है। साथ ही यह आंखों की जलन को लेकर गुर्दे और तंत्रिका तंत्र की क्षति का जोखिम भी बढ़ा सकता है।

इंटिमेटवास

इंटिमेट आवास महिलाओं के लिए बनाए गए उत्पाद हैं। जो पार्ट के हाइजीन को मेंटेन रखने का दावा करता है। वैज्ञानिक बताते हैं कि वास्तव में यह उत्पाद वजाइना के हेल्दी बैक्टीरिया माइक्रोफ्लोरा को नष्ट करने का काम करता है, और इसका पीएच स्तर में बदलाव करता है। इससे आपको संक्रामक संक्रमण, यूटीआई, एचओपीवी जैसे संक्रमण के प्रति अधिक संवेदनशील हो जाते हैं। यहां तक ​​कि इंटिमेट वाश में मौजूद रासायनिक गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर का कारण भी बन सकता है।

हेयर रिमूवल क्रीम

जानकार बताते हैं कि बॉडी के बालों को बिना दर्द के हटाने का दावा करने वाले बाल हटाने वाली क्रीम वास्तव में आपकी त्वचा को दागदार बना सकते हैं। इन क्रीम में बालों को दर्शाने वाले थियोग्लिकोलिक एसिड मौजूद होते हैं, बाल, नाखून और त्वचा की बाहरी सतह की रक्षा करने वाले प्रोटीन को घोलने का काम करते हैं। ऐसे में अगर आप इसका ज्यादा इस्तेमाल करते हैं तो त्वचा संबंधी रोग होने का खतरा बढ़ सकता है।

बालों को रंगने से होता है कैंसर का जोखिम

बालों को रंगने में बहुत सारे रसायन होते हैं जो त्वचा में एलर्जी, हार्मोन में परिवर्तन के साथ कुछ कैंसर के जोखिम भी होते हैं।

हार्वड के अनुसार, जो लोग परमानेंट हेयर डाई करते हैं उन्हें बाकियों के लिए जाइया ब्लैडर कैंसर, ब्रेस्ट कैंसर और ब्लड कैंसर का बड़ा खतरा होता है। इस जोखिम के दायरे में वह लोग भी आते हैं जो बालों को डाई करने या करने का काम करते हैं।

विशेषज्ञ की सलाह

होम्योपैथिक डॉक्टर स्मिता सलाह देती हैं कि यदि आप कॉस्मेटिक उत्पादों का उपयोग करना चाहते हैं, तो उन्हें खरीदते समय यह सुनिश्चित करें कि यह रासायनिक मुक्त हो। या इसके विकल्प की तलाश करें। बाजार में ऐसे कई ब्रांड हैं जो कॉस्मेटिक उत्पादों की पहचान करते हैं।

अस्वीकरण: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। यह किसी भी तरह से किसी दवा या इलाज का विकल्प नहीं हो सकता। ज्यादा जानकारी के लिए हमेशा अपने डॉक्टर से संपर्क करें।

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