after 5 years how delhi police founded killers of anjan das


नई दिल्लीः करीब पांच महीने तक जिस लाश के न तो पूरे टुकड़े मिले, न ही पहचान हो पाई थी, आज अचानक उस मर्डर मिस्ट्री के हर राज से पर्दा उठ गया है। दरअसल पांडव नगर इलाके में पांच महीने पहले कई दिनों तक लाश के अलग-अलग टुकड़े मिलने के मामले को दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने सुलझा लिया है। हत्या कर लाश के टुकड़े-टुकड़े करने देने के पीछे की वजह अपनों का ही गुस्सा, नफरत और बदला थी। लाश के टुकड़े अंजन दास के थे। हत्या करने वाले उसकी पत्नी पूनम और बेटा दीपक हैं। क्राइम ब्रांच की नॉर्दन रेंज टीम ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। हालांकि अभी तक लाश के पूरे टुकड़े नहीं मिले हैं। लाश के नाम पर पुलिस के पास वही 6-7 टुकड़े हैं, जो पांच महीने पहले पुलिस को मिले थे। पुलिस जांच में हत्या का मोटिव जरूर सामने आ गया है। परिवार पांडव नगर इलाके का ही रहने वाला है। इस हत्याकांड के पीछे कई वर्षों का गुस्सा, किलसन और नफरत थी। पुलिस सूत्रों ने बताया कि दास के एक नहीं बल्कि कई महिलाओं के साथ संबंध थे। वह नशे का भी आदी था। नशे में पत्नी-बेटे के साथ बदसलूकी करता था। यही कारण था कि दोनों ने उसे रास्ते से हटाने का फैसला किया।

​शराब को ही बनाया ढाल

बताया गया है कि आरोपियों ने दास को रास्ते से हटाने के लिए उसकी शराब की लत को ही ढाल बनाया था। उन्होंने उसे शराब के नशे में नींद की गोलियां मिलाकर पिला दी थी। इसके बाद उसकी हत्या कर शरीर के कई टुकड़े कर दिए थे। टुकड़ों को रखने के लिए आरोपियों ने भी फ्रिज का इस्तेमाल किया था। इसके बाद लाश के टुकड़ों को अलग-अलग इलाकों में फेंकना शुरू किया। कई जगह उसकी लाश के टुकड़े फेंके गए और कई दिनों तक टुकड़ों को फ्रिज के अंदर रखा था। जब पुलिस को लाश के टुकड़े मिले तो वह शांत हो गए थे। इसके बाद दूसरी जगहों पर लाश के टुकड़े फेंकने की बात सामने आई है।

​आस-पास के लोगों को किया गुमराह

इलाके के लोग जब दास के बारे में बारे में मां-बेटे से पूछते थे तो आरोपी उन्हें यह देते थे कि वह काम से बाहर चला गया है। इस कारण कभी किसी को शक भी नहीं हुआ। समय के साथ-साथ मामला भी शांत हो गया। मगर पुलिस की कई टीम छानबीन में लगी हुई थीं। सीसीटीवी फुटेज से ही पुलिस को आरोपियों के बारे में कई सुराग मिले थे। जिसके चलते इस राज से पर्दा उठ सका।

​ऐसे मिले थे टुकड़े

बता दें कि 5 जून की रात पांडव नगर थाना इलाके के कल्याणपुरी 20 ब्लॉक के सामने वाले खाली मैदान से एक बैग से दो टांगें बरामद हुई थीं। उनके चार टुकड़े किए गए थे। 7 जून को ठंडा सिर पड़ा मिला था। जबकि 8 जून को हाथ का एक टुकड़ा मिला था। 31 मई और 1 जून दो सीसीटीवी फुटेज भी पुलिस के हाथ लगी थी। इसमें एक आदमी के हाथ में बोरा लेकर आता दिखा था। साथ में एक महिला भी थी। दोनों अंदर जाकर बोरा फेंककर बाहर जाते हुए दिखाई दिए थे।

पुलिस ने ऐसा ढूंढा फ्रिज

सूत्रों के मुताबिक, पुलिस को मिले शव के टुकड़ों से मृतक की पहचान नहीं हो पा रही थी। इसलिए पुलिस ने आसपास के लोगों से पूछताछ शुरू की और घर-घर जाकर फ्रिज की तलाश भी शुरू की जिसमें शव के टुकड़े रखे हो सकते थे। न्यूज एजेंसी के अनुसार, एक स्थानीय निवासी ने बताया कि पुलिस घर-घर जाकर लोगों से फ्रिज के बारे में पूछ रही थी कि उनके यहां फ्रिज है या नहीं। उन्होंने बताया कि पुलिस उनके घर भी फ्रिज के बारे में पूछताछ करने आई थी। पुलिस ने यह भी पूछा कि आसपास से कहीं कोई बदबू तो नहीं आ रही है। स्थानीय निवासी ने बताया कि इस इलाके में करीब 500 मकान हैं, इसलिए अंदाजा लगाया जा सकता है कि पुलिस को फ्रिज की तलाश के लिए हर घर का दरवाजा खटखटाना पड़ा होगा। पुलिस ने इलाके के कई घरों में फ्रिज की तलाशी भी ली।

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