वेयरवोल्फ सिंड्रोम खतरनाक है, हुआ तो पूरे शरीर में भेड़ जैसे बच्चे उभर आते हैं


वेयरवोल्फ या भेड़िया मानव की कहानियां आपने भी सुनी होंगी। यह अवधारणा पर बनी है वरुण दोषी (वरुण धवन) की नई फिल्म’भेड़िया’ हाल ही में रिलीज हुई है। हॉलीवुड में वेयरवोल्फ पर पहले ही काफी सीरिज और फिल्में बन चुकी हैं। मूवी या कहानी में दिखाया जाने वाला वेयरवोल्फ एक इंसान होता है जिसमें भेड़ जैसी ही शक्ति होती है। इतना ही नहीं रात होते ही वह भेड़िया का रूप भी ले लेता है।

वास्तविक जीवन में वेयरवोल्फ एक रेयर सिंड्रोम है, जिससे लोगों में भेड़ जैसी ताकतें पैदा हो जाती हैं तो इसकी तरह शरीर और चेहरे पर घसीटने वाले बाल निश्चित रूप से नहीं होते हैं। मध्य प्रदेश के रतलाम जिले के एक छोटे से गांव में रहने वाला 17 साल का ललित पाटीदार भी इसी सिंड्रोम से ग्रस्त है।

एक रिपोर्ट के अनुसार, पूरे विश्व में हाइपरट्रीकोसिस (Hypertrichosis) या वेयरवोल्फ सिंड्रोम के सिर्फ 50 मामले हैं।

(फोटो क्रेडिट- TOI)

​कैसी है वेयरवोल्फ सिंड्रोम से ग्रसित ललित की जिंदगी

ललित एक मिडिल क्लास परिवार से है। उसके पिता किसान हैं। 6 साल की उम्र से पतले चेहरे पर बाल उगने लगे थे। जिसका कोई इलाज पता नहीं होने के कारण ललित को अपने इस हाल के साथ जीना सिखना पड़ा। इस रेयर डिजीज के साथ लोगों की कई तरह की बातें सुनी जा सकती थीं। स्कूल मोहल्ले में बच्चा उसे चमकाता था, चिढ़ाते थे। कुछ लोग तो मंकी बॉय भी बुलाते थे।

(फोटो क्रेडिट- इंस्‍टाग्राम ललित पाटीदार)

क्या हैहाइट्रीचौसिस

पांचवें स्थान पर स्थित डॉ. डीवाई पाटिल हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर में त्वचा विज्ञान विभाग के एसोसिएट, प्रोफेसर डॉ. आयुष गुप्ता वोटवोल्फ सिंड्रोम हाइपरचॉसिस का दूसरा नाम है, जिसका अर्थ है पूरे शरीर में अत्यधिक मात्रा में बालों का बढ़ना। यह हिर्सुटिज्म से अलग है, जो महिलाओं के शरीर में उन हिस्सों में अत्यधिक बाल विकसित होते हैं, जहां आम तौर पर पुरुषों में बालों की वृद्धि देखने को मिलती है। जबकि अतिसक्रिय महिला और पुरुषदोनो हो सकते हैं।

हाइपरट्रीचोसिस के लक्षण

हाइपरीचोसिस की प्राथमिक विशेषता अत्यधिक बच्चे हैं। हाइपरट्रीकोसिस में बाल आमतौर पर स्पिंडल से अधिक लंबे होते हैं और इसमें किसी भी प्रकार के बाल (लैनुगो, वेल्स या टर्मिनल) शामिल हो सकते हैं।

क्यों होता है हाइपरट्रीचौसिस

जानकार सहकर्मी किहाइट्रीचॉसिस जेनेटिक या अधिग्रहीत हो सकते हैं। इसके अलावा कुछ प्रकार की दवाओं का सेवन, कुपोषण, त्वचा के ऑटोइम्यून टूटना आदि के कारण भी यह लक्षण होता है।

वेयरवोल्फ का उपचार

वैसे तो हाइपरट्रीचोसिस का कोई इलाज नहीं है। लेकिन कुछ समय के लिए इससे छुटकारा पाने के लिए आप शेविंग, वैक्सिंग, हेयर एक्स्ट्रैक्ट जैसे तरीकों का इस्तेमाल कर सकते हैं। हालांकि यह हानिकारक या त्वचा में जलन पैदा कर सकता है। और शरीर के कुछ हिस्सों पर, ये उपचार आसानी से नहीं होते हैं। इसके अलावा इलेक्ट्रोलिसिस और लेजर सर्जरी से भी इससे छुटकारा पाया जा सकता है।

अस्वीकरण: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। यह किसी भी तरह से किसी दवा या इलाज का विकल्प नहीं हो सकता। ज्यादा जानकारी के लिए हमेशा अपने डॉक्टर से संपर्क करें।

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