अंतरिक्ष में सूर्य खेल रहा ‘लुका छुपी’, सैटेलाइट को दिखाई दिया अद्भुत सूर्य ग्रहण


वॉशिंगटन: धरती पर दिखाई देने वाले सूर्य ग्रहण के बारे में आपने खूब सुना होगा। लेकिन क्या आपने कभी अंतरिक्ष में सूर्य ग्रहण के बारे में सुना है। दरअसल सूर्य ग्रहण तब लगता है जब सूर्य के बीच में कोई चीज आ जाए। अंतरिक्ष में कुछ ऐसा ही नजारा एक सैटेलाइट ने देखा है। ये ग्रहण तब दिखा है जब सूर्य को देख रहे सैटेलाइट के आगे से चंद्रमा गुजरा। इसके कारण सूर्य की धधकती सतह का दिखना बंद हो गया। सैटेलाइट की नजर से ये एक ग्रहण की तरह था।

GOES उपग्रह और उसके सोलर अल्ट्रावॉयलेट इमेजर उपकरण (SUVI) ने सूर्य के गर्म बाहरी वातावरण या कोरोना का अवलोकन करते हुए इस शानदार नजारे को देखा। हालांकि ये नजारा सिर्फ अंतरिक्ष में दिखाई दिया है। सैटेलाइट ने कई घंटों तक इस नजारे को देखा है। ये सैटेलाइट सूर्य से निकलने वाली ज्वालाओं के उत्सर्जन का अवलोकन करता है। यही सौर उत्सर्जन पृथ्वी पर ब्लैकआउट का कारण बन जाते हैं। अर्थ स्काई की रिपोर्ट में कहा गया, ‘कोरोनल होल से निकलने वाली सौर हवाओं के प्रभाव के कारण मामूली स्तर के भू-चुंबकीय तूफान को अलग-अलग अवधि में देख सकते हैं।’

सौर तूफान की हो सकती है जानकारी
भारतीय समय के मुताबिक शाम 4 बजे से 5.30 बजे तक ये सूर्य ग्रहण दिखाई दिया। ट्विटर पर एक तस्वीर शेयर की गई है, जिसमें दिख रहा है कि चंद्रमा सूर्य के हिस्से को अवरुद्ध कर रहा है। लोगों ने कहा, ‘ये नजारा ऐसा लग रहा है जैसे चांद सूर्य को काट रहा है।’ सौर उत्सर्जन के अवलोकन से सौर ज्वालाओं, कोरोनल मास इजेक्शन (CME) और भू-अंतरिक्ष पर्यावरण को प्रभावित करने वाली अन्य घटनाओं के बारे में शीघ्र पता लगाया जा सकता है।

लगभग 15 घंटे पहले मिल जाती है चेतावनी
SUVI लगभग 15 घंटे पहले पृथ्वी की ओर आने वाले सौर तूफान की चेतावनी देता है। CME सूरज के कोरोना से प्लाज्मा और चुंबकीय क्षेत्र के बड़े उत्सर्जन हैं। इनसे अरबों टन सामग्री बाहर निकल सकती है। भले ही यह ग्रहण पृथ्वी पर नहीं दिखा था, लेकिन अमेरिका में लाल रंग का चांद जरूर देखने को मिला। अमेरिका में 8 नवंबर को लाल रंग के चांद का आश्चर्यजनक नजारा देखने को मिला। इसे ब्लड मून कहते हैं।

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