“अमर” हो गया अनमोल : भोपाल में पहली बार एक साथ बने तीन ग्रीन कॉरिडोर, 23 के युवा के अंग दान


भोपाल. राजधानी भोपाल में आज फिर ग्रीन कॉरिडोर बना. लेकिन इस बार एक नहीं बल्कि तीन ग्रीन कॉरिडोर एक साथ बने. अनमोल जैन नाम के एक युवा के ब्रेन डैड होने के बाद उसके शरीर के अंग परिवार ने दान कर दूसरों को जिंदगी दे दी. उसके डोनेट अंग से अब 5 लोग नयी जिंदगी जीएंगे. अनमोल का दिल, किडनी, लिवर, आंखें और स्किन दान कर दी गयी.

भोपाल के रहने वाले 23 साल के युवा अनमोल जैन के ब्रेन डैड होने के बाद उसके परिवार ने मानवता की मिसाल पेश की है. माता पिता ने उसके किडनी, लिवर, स्किन, आंखें और दान कर दिए. ये पांचों अंग अलग अलग शहरों में अलग अलग लोगों को लगाए जाएंगे.

क्या है पूरा मामला

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भोपाल के रहने वाले अनमोल जैन का 17 नवंबर को सड़क हादसा हो गया था. उसमें उन्हें सिर में गंभीर चोट लगी थी. अनमोल जैन को भोपाल के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था जहां 27 नवंबर को डॉक्टर्स की टीम ने उन्हें ब्रेन डेड घोषित कर दिया. बेटा फिर कभी लौट कर नहीं आने वाला था. माता पिता के लिए ये कठिन और दुख का वक्त था. उनके सिर पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा था. ऐसे कठिन वक्त में अनमोल के माता पिता ने उसके अंगों को दान करने का फैसला किया. युवक के अंगदान की सूचना तत्काल जोनल ट्रांसप्लांट कोआर्डिनेशन सेंटर को दी गई. उन्होंने प्रदेश और देश के ऐसे जरूरतमंद मरीजों को खोज निकाला जिन्हें अंगों की बेहद जरूरत थी.

कौन था अनमोल

अनमोल जैन मूलत सुहागपुर का रहने वाला था. भोपाल में वह अपने बड़े भाई आदित्य जैन और भाभी के साथ कह रहा था. अनमोल दो भाई हैं. बड़ा भाई आदित्य है जिसकी इसी साल मई में शादी हुई थी.अनमोल ने हाल ही में एमबीए एचआर कंप्लीट किया था. अब अपने स्टार्टअप का प्लान कर रहा था. अनमोल के पिता अभिषेक जैन सोहागपुर के प्रतिष्ठित व्यापारी हैं. वहां उनकी स्टेशनरी की दुकान है. अभिषेक के दादाजी स्वर्गीय हजारी लाल जैन स्वतंत्र संग्राम सेनानी भी रहे हैं.

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दिल-किडनी-लिवर-आंखें और स्किन डोनेट

सोमवार की सुबह राजधानी भोपाल में पहली बार एक साथ 3 ग्रीन कॉरिडोर बने. अनमोल जैन का ह्रदय एंबुलेंस के माध्यम से एयरपोर्ट भेजा गया वहां से वायु मार्ग से उसे अहमदाबाद भेजा गया. इसके साथ ही उसकी किडनी चिरायु अस्पताल और लीवर इंदौर भेजा गया. आंखें और स्किन हमीदिया अस्पताल को दान की गई हैं.

कितना महत्वपूर्ण है यह निर्णय

अनमोल जैन के बड़े भाई गौरव जैन का कहना है उनके परिवार के लिए अंगदान का फैसला लेना बेहद ही मुश्किल था. लेकिन हम लोगों ने सोचा कि अनमोल के अंगों से यदि कुछ लोगों को जीवनदान मिल सकता है इससे बेहतर कुछ भी नहीं हो सकता. इसके साथ ही उन्होंने कहा जिन लोगों को उसके अंग दान किए जा रहे हैं वह उनके बारे में कुछ भी नहीं जानते हैं. सरकार के द्वारा ही यह नाम सुझाए गए थे जिसके बाद हम लोगों ने उन मरीजों से बात जरूर की है. गौरव ने ये भी संदेश दिया कि किसी कारणवश यदि किसी परिवार का कोई परिजन ब्रेन डेड हो जाता है तो उसे उसके अंगदान अवश्य करने चाहिए ताकि उनके परिजन दूसरों के माध्यम से इस दुनिया में जिंदा रह सकें.

Tags: Madhya pradesh latest news, Organ Donation

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