सूखी खांसी के लिए सबसे अच्छा सिरप हैं 5 चीजें, एकदम से छाती-गले में जमा गंदगी


ठंड के मौसम में सर्दी और खांसी के मामले बढ़ जाते हैं। इस मौसम में लोगों का कई तरह के शरीर का सामना करना पड़ता है। समय रहते इन संदेशों को अनधिकृत रूप से इलाज करें, तो उन पर कमाई करना मुश्किल हो जाता है। इस मौसम में कई लोगों को सूखी खांसी (Dry Cough) की समस्या भी हो जाती है जिसमें कफ या पीलापन नहीं आता है लेकिन खांसी लगातार परेशान करती है।

सूखी खांसी के कारण? खांसी की वजह एलर्जी, सम्भावना, संक्रमण या एसिड रिफ्लक्स समेत कई कारण हो सकते हैं। सूखी खांसी के मामले में समस्या तब ज्यादा होती है, जब आप सोना जा रहे होते हैं। वास्तव में इससे आपका सोना दुश्वार हो सकता है।

सूखी खांसी के घरेलू उपाय (सूखी खांसी के घरेलू उपाय) क्या हैं? वैसे तो सूखी खांसी के लिए बाजार में कई तरह की दवाएं मौजूद हैं जिन्हें आप डॉक्टर की सलाह पर ले सकते हैं लेकिन अगर आप जल्दी राहत पाना चाहते हैं तो कुछ आसान नुस्खे आजमा कर सकते हैं।

सूखी खांसी के लिए अदरक चाय

IJBCP के एक अध्ययन के अनुसारअदरक सूखी खांसी के इलाज के लिए सबसे अच्छे आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों में से एक है। अदरक एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट गुणों से भरपूर होता है, जो गले की जलन और श्वसन मार्ग को शांत करने में मदद करता है, जिससे खांसी से राहत मिलती है। अदरक की चाय बनाने के लिए एक पैन में आवश्यक मात्रा में पानी डालें, इसमें झांकें। अब इसमें चुचिया हुई अदरक डालें और मिलाएँ कुछ मिनटों में अच्छी तरह से घुमाएँ। अब इसमें अपनी पसंद की चायपत्ती एड करें। चाय को छानने के बाद इसमें शहद मिला लें। और गरमागरम चाय पिएं। सूखी खांसी में यह बहुत फायदेमंद होता है।

सूखी खांसी का रामबाण इल्हा है लहसुन

लहसुन सूखी खांसी के इलाज के लिए एक और बढ़िया नैचुरल हर्ब बूटी है। लहसुन की एक कली को दूध के साथ दुर्घटना हुई और फिर इसमें एक चुटकी दुर्घटना हुई। इस आकर्षित को गर्मागरम पियें। यह सूखी खांसी में तुरंत आराम देता है और गले को ठीक करता है।

शहद और नींबू पानी

सूखी खांसी और गले की जलन के इलाज के लिए शहद का उपयोग बहुत से लाभ हैं। चार्ट शहद के साथ चाय या गर्म नींबू पानी का सेवन गले की बीमारी को दूर करने के लिए बहुत अच्छा होता है।

मुलेठी सूखी खांसी में लाभ

मुलेठी पारंपरिक आयुर्वेदिक जड़ी बूटियों में से एक है जो खांसी, दमा और गले में उपचार के उपचार में बहुत ही सही है। मुलेठी की कुछ ढलानों को पानी में अनुमान। इसे काढ़े के रूप में तैयार करें और गर्म ही धीरे-धीरे पिएं। इससे गले में दवा या सूखी खांसी को ठीक करने में मदद मिलती है।

थाइम चाय से मिलता है आराम

एनआईएच पर प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसारसूखी खांसी के इलाज के लिए एक आयुर्वेदिक जड़ी बूटी थाइम है। यह यूरोप में सूखी और स्पस्मोडिक कफ के साथ-साथ काली खांसी के उपचार के लिए सबसे अधिक उपयोग में जाने वाली जड़ी-बूटियों में से एक है।

अस्वीकरण: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। यह किसी भी तरह से किसी दवा या इलाज का विकल्प नहीं हो सकता। ज्यादा जानकारी के लिए हमेशा अपने डॉक्टर से संपर्क करें।

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