Russia Ukraine War Latest News: स्पेस स्टेशन को भारत या चीन पर गिरा दें? अमेरिकी प्रतिबंधों पर भड़के रूसी स्पेस एजेंसी के डायरेक्टर


मॉस्को: रूस के यूक्रेन (Russia Ukraine Crisis Latest News) पर किए हमले के जवाब में अमेरिका ने प्रतिबंधों (US S की बौछार कर दी है। एक दिन पहले ही अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने रूस के ऊपर अंतरिक्ष के क्षेत्र में भी नए प्रतिबंधों का ऐलान किया है। खुद बाइडेन ने कहा है कि उनके देश के लगाए प्रतिबंधों के कारण रूसी एयरोस्पेस इंडस्ट्री को भारी नुकसान होने वाला है। अमेरिका ने रूसी सेना, नौसेना, व्यापार और राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के करीबी लोगों पर प्रतिबंध का ऐलान किया है। वाइट हाउस ने बताया है कि नए प्रतिबंधों से रूस के अंतरिक्ष कार्यक्रम को सीधे तौर पर नुकसान नहीं होगा, लेकिन कुछ बेहद संवेदनशील तकनीक के निर्यात को प्रतिबंधित कर दिया गया है। इसमें सेमीकंडक्टर्स, सेंसर्स, नेविगेशन और एवियोनिक्स से संबंधित तकनीकों के निर्यात को तत्काल प्रभाव से रोक दिया गया है। जिसके बाद से रूसी अंतरिक्ष एजेंसी रोस्कोस्मोस के डायरेक्टर जनरल दिमित्री रोगोजिन ने गुस्से का इजहार किया है।

रूसी डायरेक्टर ने कहा- भारत-चीन पर गिरा दें आईएसएस
दिमित्री रोगोजिन ने ट्वीट कर कहा कि राष्ट्रपति जो बाइडेन ने गुरुवार को नए प्रतिबंधों की घोषणा की है। इसमें रूस के एयरोस्पेस इंडस्ट्री को उनके स्पेस मिशन को टारगेट किया गया है। उन्होंने बताया कि स्पेस स्टेशन का ऑर्बिट और लोकेशन रूसी स्पेस इंजनों से कंट्रोल किया जाता है। रोगोजिन ने पूछा कि अगर आप आपसी सहयोग को रोक देते हैं तो अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन को ऑर्बिट से बाहर निकलने और अनियंत्रित होने से कौन बचाएगा। यह अमेरिका या यूरोप में गिर जाएगा। भारत और चीन पर भी इस 500 टन वजनी संरचना के गिरने की संभावना है। क्या आप ऐसी संभावना के साथ इन देशों को धमकी देना चाहते हैं। उन्होंने साफ किया कि अंतरिक्ष स्टेशन रूस के ऊपर से नहीं उड़ता है, इसलिए सभी जोखिम आपके लिए ही हैं। क्या आप इसके लिए तैयार हैं।

नासा ने दी सफाई- रूस से सहयोग नहीं कम होगा
अमेरिकी प्रतिबंधों पर नासा के एक प्रवक्ता ने कहा कि अंतराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन को सुरक्षित रूप से चलाने के लिए रूस की सहायता जारी रखी जाएगी। नासा रूसी अंतरिक्ष एजेंसी रोस्कोसमोस सहित अपने सभी अंतरराष्ट्रीय भागीदारों के साथ काम करना जारी रखेगा। प्रवक्ता ने यह भी बताया कि नए प्रतिबंधों का अमेरिका और रूस के नागरिक अंतरिक्ष सहयोग पर असर नहीं होगा। ऑर्बिट और ग्राउंड स्टेशन ऑपरेशन में दोनों देशों के सहयोग में बदलाव की कोई योजना नहीं है। नए निर्यात उपाय सिर्फ सैन्य और महत्वकांक्षा वाले मिशनों पर ही लागू होंगे।

Russia Ukraine News: क्‍या शुरू हो गया है कोल्‍ड वार-2? रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर दो ध्रुवों में बंटी दिखाई दे रही दुनिया
स्पेस स्टेशन को कई देश मिलकर करते हैं ऑपरेट
अंतराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन को अमेरिका, रूस, जापान, कनाडा और यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी साथ मिलकर ऑपरेट करती हैं। यह धरती पर बनाई गई सबसे महंगी चीज भी है। अंतराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन की अनुमानित कीमत 15 हजार करोड़ डॉलर आंकी गई है। अकेले नासा हर साल इस स्पेस सेंटर के रखरखाव पर 400 करोड़ डॉलर खर्च करता है।इस स्पेस स्टेशन में प्रयोगशाला और अन्य सुविधाएं बेहद आधुनिक हैं। नवंबर 2000 से हर समय अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन में विभिन्न देशों के अंतरिक्ष यात्री रहते हैं।

Russia Ukraine War: भाड़ में जाओ… स्नेक आइलैंड पर रूसी युद्धपोत के सामने डटे 13 यूक्रेनी सैनिक शहीद, मिला सर्वोच्च सम्मान
धरती से 410 किलोमीटर ऊपर परिक्रमा लगा रहा
अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी के अनुसार, अंतरिक्ष स्टेशन पृथ्वी से लगभग 410 किलोमीटर ऊपर परिक्रमा लगा रहा है। इस प्रॉजेक्ट पर काम 1989 में शुरू किया गया था। वर्तमान में आईएसएस अबतक का बनाया गया सबसे बड़ा सैटेलाइट है। आईएसएस में अमेरिका की नासा के साथ रूस की रशियन फेडरल स्पेस एजेंसी (आरकेए), जापान एयरोस्पेस एक्सप्लोरेशन एजेंसी (जेएएक्सए), कनाडा की कनेडियन स्पेस एजेंसी (सीएसए) और यूरोपीय देशों की संयुक्त यूरोपीयन स्पेस एजेंसी (ईएसए) एक साथ काम करती हैं।

.



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published.