फीफा विश्व कप कतर में फुटबॉल प्रेमियों को कैमल फ्लू का खतरा


कतर देश में इन दिनों फीफा फुटबॉल वर्ल्ड कप (फीफा वर्ल्ड कप कतर 2022) चल रहा है। जाहिर है इस देश में इन दिनों जश्न का माहौल है और फुटबॉल प्रेमी एक-एक मैच का लुत्फ उठा रहे हैं। इस बीच एक दुखद खबर यह है कि यहां आए लोगों में कैमल फ्लू (कैमल फ्लू) या मिडिल ईस्ट रेस्पिरेटरी सिंड्रोम (मिडिल ईस्ट रेस्पिरेटरी सिंड्रोम (एमईआरएस)) बीमारी फैलने का खतरा बढ़ सकता है।

फुटबॉल विश्व कप का आयोजन 18 दिसंबर से शुरू हुआ और यहां आने वाले खेलों के प्रशंसकों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। न्यू माइक्रोब्स एंड न्यू इंफेक्शन जर्नल में प्रकाशित एक अध्ययन ने इस पर प्रकाश डाला है। यह अध्ययन 22 नवंबर को ‘कतर में 2022 फीफा विश्व कप में संक्रमण का जोखिम’ शीर्षक से प्रकाशित हुआ था। बताया जा रहा है कि देश में पहले से ही इस वायरस का खतरा है और भारी संख्या में लोगों की भीड़ जमा होने से वायरस के तेजी से उजागर होने की आशंका है।

कतर में फुटबॉल फैंस की भारी भीड़ की उम्मीद है

इस साल दिसंबर के मध्य तक चल रहे फीफा वर्ल्ड कप के दौरान कतर में 1.2 मिलियन लोगों के आने की उम्मीद है। रिपोर्ट में बताया गया था कि यह घटना उस समय होगी, जब पूरी दुनिया में कोविड-19 महामारी और चेचक का प्रकोप फैल रहा है। अगर कोरोना के मामलों की बात करें तो कतर में नवंबर में रोजाना औसतन 321 नए मामले रिपोर्ट आए।

कैमल फ्लू क्या है (What is Camel Flu)

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एनसीबीआई की एक रिपोर्ट के अनुसार, कैमल फ्लू को मिडिल ईस्ट रेस्पिरेटरी सिंड्रोम (MERS) कहा जाता है। MERS वायरस प्रमाण पत्र ड्रोमेडरी कैमरों से एजेट में स्थानांतरित होता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) समेत कई स्वास्थ्य जनमत का मानना ​​है कि MERS में महामारी पैदा करने की क्षमता है।

कैमल से कनेक्टेड वायरस

रिपोर्ट में बताया गया है कि मध्य पूर्व, अफ्रीका और दक्षिण एशिया के कई देशों में कैमल में मर्स-कोव की पहचान बन गई है। साल 2012 से अब तक कुल मिलाकर 27 देशों में इसके मामले मिले हैं और इसकी वजह से 858 लोगों की मौत हुई है।

कतर में भी स्प्रे करें

रिपोर्ट में बताया गया है कि यह वायरस कतर में भी फैला है। यहां के महामारी विज्ञान के आंकड़ों से पता चलता है कि देश में 28 मामले मिले हैं जोकि प्रति 1,000,000 आबादी पर 1.7 हैं। इनमें से अधिकतर मामल ऊंटों के संपर्क में आने के लिए हैं। मामला बढ़ने के कई कारण थे जिनमें शामिल थे ऊंटनी का कच्चा दूध चौक, अधपका मांस खाना या पेशाब के संपर्क में आना आदि हैं।

कैमल फ्लू के लक्षण (कैमल फ्लू के लक्षण)

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ऐसा माना जाता है कि केमेल फ्लू के लक्षण हल्के श्वसन लक्षणों से लेकर गंभीर श्वसन रोग तक हो सकते हैं। कई बार लक्षण इतने गंभीर हो सकते हैं कि रोगी की मृत्यु हो सकती है, हालांकि कई बार लक्षण नजर नहीं आते हैं। आमतौर पर इसके लक्षणों में बुखार, खांसी और सांस लेने में तकलीफ होती है। कभी-कभी रोगी का दस्त जैसे क्लाइंटइंटेस्टाइनल लक्षण महसूस कर सकते हैं।

कैमल फ्लू का अधिक खतरा किससे

WHO का कहना है कि इसके गंभीर लक्षण श्वसन विफलता के कारण बन सकते हैं। आम तौर पर इसका बहुत बड़ा जोखिम, कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली, गुर्दे की बीमारी, कैंसर, घाव, पुरानी फेफड़े की बीमारी से पीड़ित लोग अधिक होते हैं।

अस्वीकरण: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। यह किसी भी तरह से किसी दवा या इलाज का विकल्प नहीं हो सकता। ज्यादा जानकारी के लिए हमेशा अपने डॉक्टर से संपर्क करें।

अंग्रेजी में यह कहानी पढ़ने के लिए है यहां क्लिक करें

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