आतंकवाद की जगह मुझे निशाना बनाने पर था कांग्रेस का ध्यान, गुजरात में बोले पीएम मोदी


Gujarat PM Modi Rally: गुजरात विधानसभा चुनाव के पहले चरण के लिए अब कुछ ही दिन बचे हैं. सभी पार्टियों के दिग्गज नेता जोर-शोर से प्रचार में जुटे हैं. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी राज्य में बीजेपी को 7वीं बार सत्ता में लाने के लिए धुआंधार रैली कर रहे हैं. रविवार को उन्होंने सूरत के मोटा वराछा, भरूच के नेत्रंग और खेड़ा जिले में  प्रचार किया. नेत्रंग और खैड़ा में रैली करने के बाद मोदी ने सूरत एयरपोर्ट से मोटा वारछा तक भव्य रोड शो किया.

इन जगहों पर प्रचार के दौरान प्रधानमंत्री ने कांग्रेस और आम आदमी पार्टी पर जमकर निशाना साधा. आइए 10 बिन्दुओं में जानते हैं कि रविवार की रैलियों में मोदी किस तरह से विपक्ष पर हमलावर दिखे. साथ ही जनता के प्रति बीजेपी की सोच को लेकर भी अपनी बातें कहीं. 

1. खेड़ा में मोदी ने आतंकवाद को लेकर कांग्रेस पर ढुलमुल रवैया अपनाने का आरोप लगाया. मोदी ने कहा कि जब केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी तो आतंकवाद चरम पर था. गुजरात लंबे समय से आतंकवादियों के निशाने पर था. गुजरात हमेशा से चाहता था कि आतंकवाद का अंत हो. मोदी ने कहा कि गुजरात में बीजेपी की सरकार में आतंकवादियों के कई स्लीपर सेल को खत्म किया. हम हमेशा से आतंकवादियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते रहे, लेकिन ये कोई नहीं भूल सकता कि केंद्र की कांग्रेस सरकार उन आतंकियों को रिहा करने की दिशा में काम करती थी.  

2. मोदी ने कहा कि उस वक्त हमने कांग्रेस सरकार से आतंकवाद को निशाना बनाने को कहा, लेकिन कांग्रेस सरकार ने मोदी को निशाना बनाया. इसका परिणाम ये हुआ कि आतंकवादी निडर होते गए और बड़े शहरों में आतंकवाद का जाल फैलता गया.

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3. बिना सोनिया गांधी का नाम लिए दिल्ली के बटला हाउस मुठभेड़ का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा कि उस वक्त कांग्रेस के एक नेता आतंकवादियों के लिए रोए थे. कांग्रेस हमेशा ही आतंकवाद को वोटबैंक और तुष्टीकरण के चश्मे से देखती है. सिर्फ कांग्रेस ही नहीं अब कई ऐसी पार्टियां हैं जो सत्ता में आने के लिए तुष्टीकरण का रास्ता अपना रही हैं.  

4. मोदी ने कहा कि 2014 में आपके वोट से हालात बिल्कुल बदल गए हैं. अब आतंकवादी हमारी सीमाओं पर हमला करने से डरते हैं और भारतीय शहर सुरक्षित हैं क्योंकि अब भारत आतंकियों की मांद में घुसकर उन पर हमला करता है. लेकिन चाहे कांग्रेस हो या वोट बैंक की राजनीति करने वाली दूसरी पार्टियां, ये सभी हमारी सर्जिकल स्ट्राइक पर सवाल उठाती हैं. कांग्रेस की राजनीति में कोई बदलाव नहीं हुआ है.

5. मोदी ने कहा कि गुजरात और देश को कांग्रेस और उसकी समान विचारधारा वाली पार्टियों से सतर्क रहने की जरूरत है, जो वोट बैंक की राजनीति की खातिर बड़े आतंकी हमलों पर चुप रहते हैं.  

6. मोदी ने कहा कि जब बड़े आतंकवादी हमले होते हैं तो इन दलों के मुंह बंद रहते हैं कि कहीं उनका वोट बैंक नाराज न हो जाए. वे आतंकवादियों को बचाने के लिए पिछले दरवाजे से अदालत भी जाते हैं. 

7. खेड़ा में औकात वाले बयान पर मोदी ने कांग्रेस को फिर आड़े हाथों लिया. उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने बोला कि मोदी को औकात दिखा देंगे, लेकिन हमारी कोई औकात नहीं है. हम तो झुककर चलने वाले लोग हैं. 12 नवंबर को पार्टी का घोषणापत्र जारी करते हुए कांग्रेस नेता मधुसूदन मिस्त्री ने कहा था कि पीएम मोदी को चुनाव में औकात दिखा देंगे. 

8. गुजरात में भरूच जिले के आदिवासी इलाके नेत्रंग में नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस पर आदिवासी समुदाय का सम्मान नहीं करने का आरोप लगाया. उन्होंने हुए कहा कि कांग्रेस ने इस साल की शुरुआत में हुए राष्ट्रपति चुनाव में द्रौपदी मुर्मू की उम्मीदवारी का भी विरोध किया था. उन्होंने कहा कि देश के आदिवासियों के लिए कांग्रेस के मन में कोई सम्मान नहीं है.. हमने आदिवासी बेटी (द्रौपदी मुर्मू) को देश का राष्ट्रपति बनाने का फैसला किया. उनकी उम्मीदवारी का समर्थन करने के लिए हम हाथ जोड़कर कांग्रेस के पास गए, लेकिन उन्होंने विरोध किया. उन्होंने आरोप लगाया कि बिरसा मुंडा हों या कोई और, कांग्रेस ने देश के किसी आदिवासी नेताओं को सम्मान नहीं दिया.

9.नेत्रंग में मोदी ने कहा कि कांग्रेस ने गरीबों की हमेशा से उपेक्षा की है. गरीबों के लिए शिक्षा को मौके नहीं बनाने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि डॉक्टर या इंजीनियर बनने के लिए पहले अंग्रेजी पढ़नी होती थी. अंग्रेजी की पढ़ाई शहरों में होती थी. गरीब के लिए शहरों में जाकर पढ़ना मुमकिन नहीं था. कांग्रेस ने 75 साल तक देश के लिए कुछ नहीं किया. हमने डॉक्टर-इंजीनियर की पढ़ाई मातृभाषा में शुरू करवाई. अब युवा मातृभाषा में पढ़कर डॉक्टर-इंजीनियर बन सकते हैं.

10. कोविड से बेहतर तरीके से निपटने का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा कि भारत जैसे बड़े देश में कोविड-19 महामारी का प्रकोप भयानक था. पूरी दुनिया ने इस भयानक महामारी का सामना किया। अगर हमारे घर पर कोई बीमार हो जाता है, तो हमें इसके वित्तीय प्रभाव से बाहर आने में चार से पांच साल लगते हैं. हमने इतने बड़े देश में महामारी का सामना किया. लेकिन, जिस तरह से हम बाहर आए उससे पूरी दुनिया हैरान है. वे समझ नहीं पा रहे हैं कि यह कैसे हुआ. मोदी ने कहा कि कोरोना काल में कारखाने बंद हो गए, लोगों को अपने गांव वापस जाना पड़ा. ऐसी परिस्थितियों में, हमारी पहली चिंता थी कि गरीबों के लिए पर्याप्त भोजन हो, किसी गरीब का बच्चा भोजन किए बिना न सोए. इसलिए हम पिछले तीन साल से 80 करोड़ लोगों को निशुल्क राशन मुहैया करा रहे हैं.

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