सिंधिया का मंदसौर दौरा रहा व्यस्त,पशुपतिनाथ – संघ कार्यालय और भाजपा कार्यालय में दिया समय

(मंदसौर से डॉ. घनश्याम बटवाल की रिपोर्ट)

मंदसौर । रविवार की रात दस बजे मंदसौर पहुंचे राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया सोमवार दोपहर रतलाम जिले में प्रवेश कर गये ।
चौदह घंटे के प्रवास पर सिंधिया अपना प्रभाव छोड़ गये ।
सबसे पहले रात्रि में भाजपा किसान मोर्चा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बंशीलाल गुर्जर के लालघाटी निवास पहुंचे , उसके बाद लोकसभा सांसद सुधीर गुप्ता के हाउसिंग कॉलोनी स्थित आवास पर ।
रात्रि भोज भाजपा कोर ग्रुप के साथ हुआ । पुर्व गृहमंत्री कैलाश चावला , वर्तमान मंत्री गण तुलसीराम सिलावट , जगदीश देवड़ा , राज्यवर्धन सिंह दत्तिगांव , हरदीपसिंह डंग , ओमप्रकाश सखलेचा के साथ विधायक गण यशपालसिंह सिसौदिया , देवीलाल धाकड़ , दिलीपसिंह परिहार , अनिरुद्ध माधव मारू के अलावा मंदसौर जिला अध्यक्ष नानालाल अटोलिया , नीमच जिला अध्यक्ष पवन पाटीदार तथा वरिष्ठ नेता शामिल हुए । स्वागत सत्कार – परिचय – भोजन हुआ । देर रात तक सांसद निवास पर रहे सिंधिया ।
परस्पर चर्चा हुई , मंत्री – विधायकों से संवाद किया ।
अधिकांश नेताओं का सिंधिया से पहले ही संपर्क रहा है सो सहजता में उन्हें कोई परेशानी नहीं देखने में आई

सर्किट हाउस पर रात्रि विश्राम के बाद
सोमवार को शुरू हुआ सम्पर्क का सिलसिला सबसे पहले अष्टमुखी भगवान पशुपतिनाथ महादेव मंदिर में गर्भगृह के बाहर से दर्शन – पूजन आरती की । पंडित कैलाशचंद्र भट्ट , पंडित सुरेंद्र आचार्य , पंडित राकेश भट्ट ने सस्वर सामुहिक पूजन अर्चन कराया ।
मंत्री सांसद विधायक उपस्थित रहे । पूजन में शामिल हुए ।
इसके बाद केशवनगर ( हाफिज़ कॉलोनी ) स्थित संघ कार्यालय समर्पण पहुंचे । पहली बार मंदसौर संघ कार्यालय पर सिंधिया के साथ तुलसीराम सिलावट , प्रभारी मंत्री राज्यवर्धन सिंह दत्तिगांव आये । विशेष मन्त्रणा हुई क़रीब आधा घंटा रुककर ।
मंदसौर विधायक यशपालसिंह सिसौदिया के यशनगर निवास पहुंचे ।
कालिदास मार्ग स्थित जिला भाजपा कार्यालय में सिंधिया ने पहुंचकर कोविड प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की ।
मृतकों के प्रति सामुहिक श्रद्धांजलि अर्पित की । उपस्थित नेताओं और कार्यकर्ताओं से कोरोना की लड़ाई को शत प्रतिशत वेक्सिनेशन तक लेजाने का आव्हान किया ।
भाजपा संगठन से जुड़े 3 कोविड प्रभावित परिवारों में शोक व्यक्त करने
पहुंचे , सिंधिया ने हिम्मत बंधाई ।

मंदसौर से दलौदा – जावरा प्रस्थान के पहले मीडिया से चर्चा में एक सवाल के जवाब में कहा नेमावर की घटना बाबत पूरी जानकारी नहीं है पर सरकार पूरी सख्ती से कार्यवाही करेगी । दोषियों को बख्शा नहीं जायेगा ।
जब बताया गया कि पूर्व मुख्यमंत्री एवं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ पीड़ितों से मिलने नेमावर गये हैं तो सिंधिया ने कहा वे राजनीतिज्ञ हैं । सहानुभूति के नाम राजनीति करने की कोशिश है ।
कांग्रेस को जहां राजनीति करनी हो कूद पड़ती है । वास्तविकता से कोई लेना देना नहीं है ।
अपने दौरे पर किये प्रश्न पर सिंधिया ने कहा राजनीति नहीं पीढ़ियों का पारिवारिक रिश्ता है मालवा अंचल से कोविड की दुःखद घड़ी में सबके बीच आना धर्म भी और कर्त्तव्य भी है ।

पिपलियामंडी – मल्हारगढ़ में तो सिंधिया ने नुक्कड़ सभा में स्पष्ट कहा कि अभी कोविड का दौरा है फिर आऊंगा घर – घर जाऊंगा। इस कथन के भी निहितार्थ निकाले जारहे हैं ।

दो – तीन बातें उभर कर सामने आई है । नीमच में तो लगभग आधा दर्जन कोविड प्रभावित परिवारों में गये सिंधिया । मंदसौर में मात्र तीन जगह ,
उनमें भी तीनों कहीं न कहीं भाजपा से जुड़े हुए हैं ।
चर्चा यह होरही है कि मन्दसौर जिले में सरकारी आंकड़ों में कोविड से 84 मृत्यु दर्शायी गई है । उनमें कोई 40 – 45 नाबालिग बच्चों के माता – पिता नहीं रहे । कोई 6 बच्चों के तो माता – पिता दोनों का निधन कोरोना संक्रमण से होगया । जो अब निराश्रित हैं , सरकारी और निजी मदद की जारही है परंतु उनके सिर पर हाथ रखने की जरूरत थी सिंधिया को । जो नहीं हुआ ।
राजनीतिक चश्में में देखें तो हजारों पीड़ित परिवारों में नहीं पहुंच कर सांकेतिक रूप से अन्य किसी परिवार में जाकर ढाढ़स बांधते तो कारगर होता ।
सिंधिया का मंदसौर – नीमच दौरा अपने प्रभाव को , संपर्कों को , राजनीतिक जमावट को , चेहरों को पहचानने को , स्टार प्रचारक पहचान को पुख्ता करने के लिये जाना जाएगा । उनके इर्दगिर्द पहले से जुड़े नजदीकी लोगों की बहुलता रही ।भाजपा संगठन पदाधिकारी , विधायक , मंत्री , सांसद को तो स्वयं साथ रहना ही था ।
यह महत्वपूर्ण है कि सिंधिया का कॉन्फिडेंस पहले भी जितना अर्थात कांग्रेस में था उतना ही अब भी अर्थात भाजपा में दिखलाई पड़ रहा है ।

राजनीतिक और रणनीतिक रूप से प्रदेश में भाजपा सरकार बनवाने के सवा साल बाद हुए पहले प्रवास क्या लाभ पार्टी और सिंधिया को मिलना है यह आने वाले दिनों में सामने आएगा।

सड़क मार्ग से आये और निश्चित स्थानों पर गये सिंधिया । पब्लिक में अभी कोविड के कारण परहेज किया । पर वे पॉपुलर चेहरा हैं भाजपा के ।
सांसद – विधायक – मंत्रियों को दौड़ते हुए देखा दो दिनों में लोगों और पार्टी कार्यकर्ताओं ने । इसमें शंका नहीं कि उनके दादा जीवाजीराव सिंधिया , दादी विजयाराजे सिंधिया , पिता माधवराव सिंधिया का ग्वालियर स्टेट जमाने से मंदसौर – नीमच और मालवा से जुड़ाव रहा है । सामन्त शाही चली गई पर अक्स अब भी जारी है ।

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