UPSC CSE में IRMS का विलय होने से इंजीनियर्स नाराज, बोले- इंजीनियरिंग की भर्तियां लगातर हो रही कम


केंद्र सरकार के एक फैसले के चलते लाखों इंजीनियर्स का भविष्य संकट में है। हाल ही में केंद्र सरकार ने गजट नोटिफिकेशन के जरिए ये जानकारी दी कि IRMS की भर्ती का सिविल सेवा परीक्षा (UPSC Civil Services Exam) में विलय कर दिया गया है और IRMS की आने वाली भर्तियां भी सिविल सेवा परीक्षा के जरिए होगी। इंजीनियरिंग के छात्र सरकार के इस फैसले का काफी विरोध कर रहे हैं। छात्रों का आरोप है कि केंद्र सरकार के इस कदम से इंजीनियर्स को ग्रुप A की भर्तियों से बाहर किया जा रहा है।

सरकार के फैसले के खिलाफ छात्रों ने बुधवार को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया। यहां बड़ी संख्या में छात्रो की मौजूदगी देखी गई।

Protest 1

जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करते छात्र..

इसके अलावा छात्र पिछले कई दिनों से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे ट्विटर पर भी विरोध जता रहे हैं। ये हैशटैग #IRMS_SSE_JEN_For_Engineers और #JusticeForEngineers के साथ ट्वीट कर रहे हैं। ये हैशटैग ट्विटर पर ट्रेंड भी कर चुके हैं।

IRMS

एक अभ्यर्थी अपर्णा कुमारी प्रदर्शन का वीडियो ट्वीट कर लिखती हैं, ”ESE से रेलवे ग्रुप ए पद की 250 से अधिक सीटों को हटाने के बाद, यह वास्तव में दिल दहला देने वाला और भयावह है जब उच्च योग्यता वाले और डिजर्विंग इंजीनियर अवसाद और संकट के साथ जी रहे हैं।”

पूर्व IAS अधिकारी सूर्य प्रताप सिंह ने छात्रों का समर्थन करते हुए प्रदर्शन का एक वीडियो शेयर किया और लिखा, ”चीख नहीं, बदलाव की गूंज है, ये।”

छात्रों का कहना है कि IRMS को CSE में शामिल किए जाने के चलते अब कॉमर्स और आर्ट्स वाले भी इसके लिए आवेदन कर सकेगा। जबकि IRMS में 5 कैडर IRSE, IRSME, IRSEE, IRSSE और IRSS पूरी तरह से इंजीनियरिंग से जुड़े हैं। अब तक ये भर्तियां इंजीनियरिंग सेवा परीक्षा के जरिए होती थी, जिसका सिलेबस सिविल सेवा से अलग है, ऐसे में अब इंजीनियरिंग के छात्रों को CSE का सिलेबस पढ़ना होगा जो कि उनके लिए नया भी होगा।

क्या है मामला?
अब तक यूपीएससी इंजीनियरिंग सर्विसेज परीक्षा के द्वारा रेलवे की ग्रुप ए की 5 इंजीनियरिंग कैडर (IRSE, IRSME, IRSEE, IRSSE और IRSS) पर भर्ती होती थी लेकिन 2019 में तात्कालिक रेल मंत्री पीयूष गोयल जी ने इन 5 कैडेर को मिला कर IRMS (Indian Railway Management Service) का गठन करने का ऐलान किया और उस वर्ष इंजीनियरिंग सर्विसेज प्री परीक्षा हो जाने के बावजूद रेलवे के पदों को भर्ती से वापस ले लिया गया और यह आश्वासन दिया गया कि IRMS के द्वारा इंजीनियर्स के पदों को भरा जाएगा।

पिछले हफ्ते भारत सरकार ने IRMS से संबंधित एक गजट नोटिफिकेशन जारी किया और IRMS के 150 पदों को सिविल सर्विसेस परीक्षा 2022 के द्वारा भरने की घोषणा की।

छात्रों का क्या कहना है?
इंजीनियरिंग सेवा के एक अभ्यर्थी संदीप कुमार यादव ने नवभारतटाइम्स से बातचीत में कहा, ”रेलवे एक तकनीकि दक्षता वाला मंत्रालय है। रेलवे में 5 इंजीनियरिंग कैडर (जिसकी भर्ती यूपीएससी इंजिनीरिंग सेवा से) और 3 गैर-इंजिनीरिंग कैडर (जिनकी भर्ती सिविल सेवा से), कुल 8 कैडर को एकसाथ सम्मिलित करके IRMS बनाया गया लेकिन इसकी भर्ती सिविल सेवा से होगी यानी कि इंजीनियरिंग के विभागों में अब आर्ट्स ग्रेजुएट्स वाले आयेंगे और इंजीनियरिंग के पदों से इंजीनियर्स को ही बाहर कर दिया गया, ये रेल यात्रियों की जिंदगी से खिलवाड़ है। IRMS की या तो यूपीएससी इंजीनियरिंग सेवा से भर्ती हो या फिर एक अलग परीक्षा हो जिसका पाठ्यक्रम इंजीनियरिंग और मैनेजमेंट हो। साथ ही रेलवे में सीनियर सेक्शन इंजीनियर और जेई की भर्ती क्रमशः 2015 और 2018 से नहीं आयी है, सरकार इन भर्तियों का भी नोटिफिकेशन जारी करे।”

एक अभ्यर्थी साक्षी कहती हैं, ”PSUs में इंजीनियरिंग भर्तियां लगभग खत्म हो चुकी हैं, केंद्र सरकार अन्य विभागों की भर्तियां रोक कर रखी हुई है। यूपीएससी इंजीनियरिंग सेवा के पद 70% तक कम हो गए हैं। रेलवे में इंजीनियर बनना एक सपना था लेकिन IRMS से भी इंजीनियर्स को बाहर किया जा रहा है। रेलवे में सीनियर सेक्शन की भर्ती भी 2015 के बाद से नहीं आयी। SSC जेई 2021 और 2022 की भर्ती भी नहीं आई है।”

उत्कर्ष ठाकुर नाम के एक अभ्यर्थी कहते हैं, ”केंद्र सरकार में इंजीनियरिंग की भर्तियां लगातर कम होती जा रही हैं। इंजीनियर्स की सर्वाधिक भर्ती रेलवे में आती थी लेकिन वर्षों से कोई भर्ती नहीं आयी। सीनियर सेक्शन इंजीनियर और जेई की भर्ती भी वर्षों से रुकी हुई है। IRMS के लिए अब किसी भी स्ट्रीम के छात्र आवेदन कर सकते हैं, ऐसे में अब आर्ट्स पढ़ने वाले लोग भी इंजीनियरिंग का काम करेंगे और जो इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर चुके हैं, वे बेरोजगार हैं।”

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