LS स्पीकर ओम बिड़ला ने अबू-धाबी के भव्य स्वामी नारायण मंदिर में किए दर्शन



प्रधानमंत्री मोदी ने 11 फ़रवरी 2018 को अबू धाबी में बन रहे पहले मंदिर का भूमि पूजन किया था। यूएई सरकार ने अबू धाबी में मंदिर बनाने के लिए 20,000 वर्ग मीटर जमीन दी है।

संयुक्त अरब अमीरात के दौरे पर गए लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला अबू धाबी में बन रहे भव्य स्वामी नारायण मंदिर के दर्शन करने भी पहुंचे। इस दौरान उन्हें वहां काम कर रहे उनके गृह राज्य राजस्थान के कारीगरों से भी मिलने का मौका मिला।

हमारे सहयोगी अख़बार द इंडियन एक्सप्रेस में छपे दिल्ली कांफिडेंशियल कॉलम के मुताबिक़ लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला इन दिनों संयुक्त अरब अमीरात के दौरे पर हैं। संयुक्त अरब अमीरात के दौरे पर वे अबू धाबी में बन रहे स्वामी नारायण मंदिर के दर्शन करने पहुंचे। मंदिर की भव्यता को देखते हुए उन्होंने वहां काम कर रहे कारीगरों से भी मुलाक़ात की। मुलाक़ात के दौरान ही उन्हें पता चला कि निर्माण कार्य में लगे अधिकांश लोग उनके गृह राज्य राजस्थान के भरतपुर और अलवर क्षेत्र से हैं।

इसके अलावा ओम बिड़ला निर्माणाधीन मंदिर में गंगा और यमुना से जल लाकर यहां रखने की योजना से भी काफी प्रभावित हुए। वे बुधवार को लौवर संग्रहालय भी गए। जहां वे राजस्थान के बूंदी, जोधपुर और अलवर का नाम उकेरा हुए देखकर हैरान रह गए। हालांकि बाद में उन्हें जानकारी दी गई निर्माण कार्य में कई सारी सामग्री इन जगहों से लाई गई थी। इसलिए इन स्थानों के नाम यहां उकेरे गए हैं। 

प्रधानमंत्री मोदी ने 11 फ़रवरी 2018 को अबू धाबी में बन रहे पहले मंदिर का भूमि पूजन किया था। यूएई सरकार ने अबू धाबी में मंदिर बनाने के लिए 20,000 वर्ग मीटर जमीन दी है। इस मंदिर को करीब 900 करोड़ की लागत से बनाया जा रहा है। उम्मीद है कि इस मंदिर का निर्माण कार्य साल 2023 तक पूरा हो जाएगा। इस मंदिर को दिल्ली के अक्षरधाम मंदिर की तर्ज पर बनाया जा रहा है।

इस मंदिर के निर्माण में राजस्थान के करीब 3000 मजदूर लगे हैं जो नागौर और मकराना सहित कई जगहों के रहने वाले हैं। मंदिर में भीषण गर्मी को झेलने वाला करीब 12 हजार टन बलुआ पत्थर लगाया जाएगा। इसके अलावा मंदिर में राजस्थान और गुजरात में तराशे गए कलाकृतियों और पत्थरों को लगाया जाएगा। मंदिर में  7 शिखर होंगे। ये यूएई के 7 अमीरात का भी प्रतीक होंगे।  

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