साफ होने लगी प्ले ऑफ मे पहुंचने वाली टीमों की धुंधली तस्वीर


प्रो कबड्डी के सीजन आठ का सफर अब धीरे धीरे परवान चढ़ रहा है. प्ले ऑफ मे पहुंचने वाली टीमों की धुंधली तस्वीर अब साफ होने लगी है. कल रात जो टीम टॉप 6 मे कायम थीं, लगता है उसमें से चार तो इस सीजन अपनी जगह प्ले ऑफ मे जरूर बनाएंगी. संभव यह भी है कि इस समय 12 टीमों की लीग मे 6 स्थानों से नीचे रहने वाली एक या दो टीम भी बाकी बचे मुकाबलों मे बेहतर प्रदर्शन कर ऊपर की टीमों को बाहर का रास्ता दिखा दें.

सीजन आठ अब तक चौकाने वाला रहा है, इस सीजन वह सब कुछ हुआ है, जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी. प्रदीप नरवाल के बिना पटना पायरेट्स इस बार एक यूनिट की तरह खेल रही है. दूसरी तरफ प्रदीप को जिस टीम ने महंगे दाम मे खरीदा, वह यूपी योद्धा लगातार संघर्ष कर रही है. प्रदीप अब टीम मे सपोर्ट रेडर हैं और कई बार सब्सटीट्यूट भी किए जा चुके हैं. इस सीजन अब तक 16 मुकाबले टाई हो चुके हैं, डिफ़ेंडिंग चैंपियन सीजन की शानदार शुरुआत के बाद अब 11 वें नंबर पर हैं और लगता नहीं कि वह अब पहले 6 स्थानों पर काबिज हो सकेंगे.

सिद्धार्थ देसाई, रोहित कुमार, राहुल चौधरी बिल्कुल नही चल पाए हैं. अजय ठाकुर को तो टीम ने रिप्लेस भी कर दिया है. इसी तरह ज्यादातर पुराने डिफेंडर्स भी अपने नाम के साथ न्याय नहीं कर पाए हैं. लेकिन इस बार कुछ नए तो कुछ साधारण समझे जाने वाले खिलाड़ियों ने असाधारण प्रदर्शन किया है. अर्जुन देशवाल, सुरेंद्र गिल, असलम ईनामदार, एचएस राकेश और डिफेंस मे सागर और जयदीप के अलावा ईरान के मोहम्मद रेज़ा शादुलू ने शानदार प्रदर्शन किया है. शादुलू और जयदीप तो पहले ही सीजन मे प्रो कबड्डी के मैट को अपना बना चुके हैं.

ऐसी टीमे जो प्ले ऑफ की दौड़ मे मजबूती के साथ कायम हैं, उसमें पटना पायरेट्स का शुमार सबसे ऊपर है. वजह साफ कि इस टीम ने अब तक 16 मैच खेले हैं, यानी लीग दौर मे इसे अभी 6 मैच और खेलने है. पटना अब तक 11 मैच जीतकर 60 पॉइंट्स कमा चुकी है, ऐसे मे 6 मे से यदि यह सिर्फ 2 मैच और जीत ले, तो अंतिम 6 मे पहुंचना इसका तय है. जाहिर है पटना की नजर इस समय सिर्फ टॉप 6 नहीं बल्कि टॉप 2 पर है, क्योंकि पहले दो स्थानों पर रहने वाली टीमों को नॉकआउट दौर मे फाइनल तक का सफर तय करने के लिए सिर्फ एक मुकाबला जीतने की जरूरत है.

टीम के तीन रेडर प्रशांत राय, सचिन तंवर और गुमान सिंह लगातार पॉइंट्स मे हैं, यहां तक कि मोनू जैसे रेडर को अब टीम मे जगह नहीं मिल रही है. उधर डिफेंस मे मोहम्मद रेज़ा शादुलू गजब ढा रहे है, पिछले तीन मैचों मे तीन हाई फाइव लगा चुके हैं, दूसरे कॉर्नर पर मौजूद सुनील एक मैच मे 9 टैकल पॉइंट्स लेने का इस सीजन का रिकॉर्ड भी बना चुके हैं. नीरज भी कवर पर शानदार कर रहे हैं, कूल मिलाकर पायरेट्स अगर इस बार लीग के बाद टॉप 2 मे आ जाए तो हैरत नहीं होगी.

दूसरी टीम दबंग दिल्ली है, दिल्ली को अभी 5 मैच खेलने हैं और इनमे से दो जीत उन्हे प्ले ऑफ मे पहुंचा सकती है. फिलहाल दूसरे नंबर पर दिल्ली काबिज हैं, लेकिन अंत तक इस पोजीशन को बना रख पाएगी, ऐसा लगता नहीं है. टीम ने नवीन की गैर मौजूदगी मे ठीक ठाक किया है, और इसे उसकी मजबूती के तौर पर देखा जाना चाहिए नवीन की गैर मौजूदगी मे रेडिंग का औसत 20 के आस पास बना रहे और टीम का डिफेंस फेल्ड टैकल से परहेज करे, तो यह संकेत है कि टीम मे क्षमता है, लेकिन उसे संभलकर खेलने की जरूरत है. इंजरी से लौटने के बाद नवीन अभी अपने स्वाभाविक टच मे नहीं दिख रहे हैं, टीम के लिए यह परेशानी का सबब हो सकता है.

सीजन 6 के चैंपियन बेंगलूरू बुल्स एक समय प्ले ऑफ के सबसे बड़े दावेदारों मे से थे. अब भी उनकी पोजीशन तीसरी है, लेकिन सच कहा जाए तो बुल्स की पीठ अब दीवार से सट चुकी है, और उनके पास और पीछे जाने का रास्ता नहीं है. पिछले 9 मैचों मे यह टीम सिर्फ दो मैच जीत सकी है. कल गुजरात जाएंट्स के हाथों शिकस्त ने बुल्स की संबावनाओ को कमजोर किया है. अब भी इसके प्ले ऑफ मे जाने का रास्ता खुला हुआ है, लेकिन टॉप 2 की दौड़ से यह तकरीबन बाहर हो गई है.

इस टीम को अब सिर्फ तीन मुकाबले और खेलने हैं, प्ले ऑफ मे प्रवेश के लिए आश्वस्त तभी होंगे, जब यह तीनों मैच जीत लें, दो जीते तो पहुंच भी सकते हैं और नहीं भी. अभी इस टीम के 55 पॉइंट्स हैं. पवन सेहरावत के अलावा, रेडिंग मे सपोर्ट नियमित नहीं है, कल भरत चले, तो इससे पहले पवन के अलावा बाकी रेडर्स का सपोर्ट औसत ही रहा. डिफेंस भी इस टीम का नरम गरम है, किसी दिन बहुत शानदार तो किसी दिन बेहद कमजोर दिखाई देता है. टीम पूरी तरह पवन सेहरावत पर निर्भर है, अगर उन्हे रोक दिया गया तो जीत की उम्मीद बेमानी हो सकती है.

राकेश कुमार की टीम हरियाणा स्टीलर्स भी पटना पायरेट्स की तर्ज पर एक यूनिट की तरह खेल रही है. अनुभव के नाम पर इस टीम मे विकास कंडोला और सुरिंदर नारा के अलावा कुछ नही है, लेकिन युवा सितारों से सजी यह टीम डिफेंस और रेडिंग मे औसत से बेहतर कर रही है. जयदीप का पहला सीजन है और डिफेंडर्स की लिस्ट मे पहले तीन मे वह शामिल हैं. उनकी और मोहित की कवर्स मे सेकंड बेस्ट जोड़ी है. हरियाणा के अभी 5 मैच बचे हैं और तीन जीत के साथ यह प्ले ऑफ मे पहुंच सकते हैं.

पॉइंट्स टेबल मे पांचवे नंबर पर यू मुंबा और छटे नंबर पर यूपी योद्धा हैं, लेकिन इन टीमों के प्ले ऑफ मे पहुंचने की संभावनाए उतनी ही हैं, जितनी की इनसे नीचे की दो टीमों जयपुर पिंक पेंथर्स और तमिल तलाईवाज़ की भी हैं. यू मुंबा फजल अत्राचली और रिंकू के डिफेंस तथा अभिषेक सिंह और वी अजीथ कुमार की रेडिंग कौशल पर टिकी है. यूपी योद्धा के लिए सुरिंदर गिल, प्रदीप नरवाल से बेहतर कर रहे हैं. नितेश, सुमित, आशु और शुभम का डिफेंस भी ठीक ठाक कर रहा है. उधर जयपुर पिंक पेंथर्स अर्जुन देशवाल के शानदार प्रदर्शन और दीपक निवास हुडा के सपोर्ट पर प्ले ऑफ की संभावनाए तलाश रही है.

तमिल तलाईवाज़ ने जब से प्रो कबड्डी मे जगह बनाई है, पहली बार सबसे निचली पायदान पर नहीं दिखाई दे रहे हैं. सुरजीत और मंजीत ने टीम को फिलहाल आठवीं पोजीशन पर रखा है, लेकिन प्ले ऑफ के प्रति आश्वस्त होने के लिए इसे बाकी बचे 6 मे से 5 मैच जीतने होंगे. जाहिर है काम आसान न होगा. इससे नीचे की टीमें गणितीय समीकरण मे अब भी टॉप 6 की रेस मे दिखाई दे सकती हैं, लेकिन उनका वहां तक पहुंचना चमत्कार ही होगा.

(डिस्क्लेमर: ये लेखक के निजी विचार हैं. लेख में दी गई किसी भी जानकारी की सत्यता/सटीकता के प्रति लेखक स्वयं जवाबदेह है. इसके लिए News18Hindi किसी भी तरह से उत्तरदायी नहीं है)

ब्लॉगर के बारे में

संजय बैनर्जीब्रॉडकास्ट जर्नलिस्ट व कॉमेंटेटर

ब्रॉडकास्ट जर्नलिस्ट व कॉमेंटेटर. 40 साल से इंटरनेशनल मैचों की कॉमेंट्री कर रहे हैं.

और भी पढ़ें

.



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published.