क्या यूक्रेन रशिया के सामने सरेंडर कर देगा? जानें रूस ने किन इलाकों पर किया कब्जा?


नई दिल्ली: रूस ने यूक्रेन पर हमला कर दिया है और पिछले 24 घंटे में रूस के 2 लाख सैनिक और 100 से ज्यादा लड़ाकू विमान यूक्रेन की सीमा में प्रवेश कर चुके हैं और रूस ने अब तक यूक्रेन के 70 सैन्य अड्डों को नष्ट करने का दावा किया है. यूक्रेन के राष्ट्रपति Zelenskyy (जेलेंस्की) ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से बात करने की काफी कोशिश की और उन्हें फोन भी किया. लेकिन पुतिन का कहना है कि जब तक यूक्रेन की सेना पूरी तरह सरेंडर नहीं करती, तब तक वो कोई बात नहीं करेंगे. 

सुपरपॉर्वस ने साधा मौन

ऐसे में सवाल है कि दुनिया की दूसरी बड़ी महाशक्तियां क्या कर रही हैं? तो इसका जवाब ये है कि दुनिया की सारी बड़ी Superpowers चुपचाप ये सब होते हुए देख रही हैं. उन्होंने रूस के ऊपर आर्थिक प्रतिबंध लगाने के अलावा और कुछ नहीं किया है. ये इतनी बड़ी खबर है कि इसका असर दुनिया के हर देश पर पड़ेगा. यहां तक कि आप भारत के किसी भी कोने में रहते हों, आप पर भी इस युद्ध का सीधा असर पड़ेगा. क्योंकि अब ये युद्ध पुतिन Vs. Rest of The World (बाकी अन्य देश) का रूप ले चुका है.

बड़ी देशों का विक्राल रूप

आपने अक्सर देखा होगा कि जंगल में बड़ा जानवर छोटे जानवर को खा जाता है. समंदर में बड़ी मछली, छोटी मछली को खा जाती है और ये एक नियम बन जाता है, जिसे कोई चुनौती नहीं दे सकता. इसी तरह से वैश्विक राजनीति में बड़े देश, छोटे देशों को निगल जाते हैं और यही नियम बन जाता है. इस समय दुनिया के बड़े-बड़े देश, चाहे वो चीन हो, अमेरिका हो या रूस हो, छोटे देशों को छोटी-छोटी मछलियों की तरह निगल रहे हैं और दुनिया चुपचाप बैठी है.

रूस का जोरदार हमला

यूक्रेन की सरकार के मुताबिक रूस की सेना अब तक उसके 70 ठिकानों पर हमले कर चुकी है और कई इलाकों में Missiles और रॉकेट भी दागे गए हैं. रूस इस समय यूक्रेन के सैन्य ढांचे को निशाना बना रहा है यानी वो यूक्रेन को एक तरह से घुटनों पर लाना चाहता है.

हर तरफ से सिर्फ रूस

अगर आपने तस्वीरें देखी होंगी तो आप समझ सकेंगे कि रूस की सेना ने कैसे यूक्रेन को चारों तरफ से घेर लिया है. क्राइमिया में Black Sea के रास्ते, उसकी सेना Odessa (ऑडेसा) में पहुंच चुकी है और यहां हवाई अड्डो को निशाना बनाया गया है. जिस Donetsk (दोनियस्क) क्षेत्र को रूस ने स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में मान्यता दी है, वहां से भी रूस के लड़ाकू विमान और सैन्य टुकड़ियां, Mariupol (मारीपॉल) में हमले कर रही हैं. इसके अलावा बेलारूस की सीमा से भी रूस के 10 हजार सैनिक यूक्रेन में दाखिल हुए हैं और ये अभी यूक्रेन की राजधानी कीव के पास बताए जा रहे हैं.

पिछले 24 घंटे यूक्रेन के लिए दहशत भरे

यूक्रेन ने बताया है कि पिछले 24 घंटे में रूस के दो लाख सैनिक उसकी सीमा में प्रवेश कर चुके हैं और शाम करीब चार बजे, रूस ने एक हवाई हमले में यूक्रेन के एक Airbase को नष्ट कर दिया है. इस हमले में यूक्रेन के कई सैनिकों के मारे जाने की खबर है. ये Airbase, रूस की सीमा के पास Melitpol (मलितपॉल) में है, जहां अब उसकी सेना का नियंत्रण हो चुका है. ये दावा रूस की सेना ने किया है. हालांकि इस तरह के युद्ध के दौरान कई तरह के दावे किए जाते हैं और इसे Fog of War कहा जाता है. यानी युद्ध के आसपास जो धुंध होती है, उस स्थिति को हर देश अपने हिसाब से दुनिया के सामने रखता है और इस युद्ध में भी ऐसा ही हो रहा है.

इस समय सबसे ज्यादा तनाव यूक्रेन के Kharkiv (खारकीव) में है. यहां रूस की सेना ने कई सरकारी इमारतों को ध्वस्त कर उन पर कब्जा कर लिया है. और एक Hydro Power Plant पर रूस के सैनिकों ने यूक्रेन का झंडा हटा कर, रूस का झंडा लगा दिया.

खारकीव में सबसे ज्यादा नुकसान

इसके अलावा खारकीव में ही यूक्रेन ने रूस के 4 Tanks को नष्ट करने का दावा किया है. हालांकि रूस की सेना ने कहा है कि अब तक इस संघर्ष में उसके किसी भी Tank और विमान को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है. बल्कि रशिया की तरफ से जारी किए गए एक वीडियो में दिख रहा है, उसने खारकीव में बड़े पैमाने पर रॉकेट हमले किए हैं और इन हमलों में 70 से ज्यादा इमारतों को नुकसान पहुंचने की बात कही जा रही है. जबकि 19 लोगों के लापता होने की भी खबर है, हो सकता है कि ये लोग मारे जा चुके हों. खारकीव के अलावा यूक्रेन की राजधानी कीव के पास भी रूस के लड़ाकू विमान और सैन्य टुकड़ियां पहुंच चुकी हैं.

लगातार बमबारी जारी

कीव के पास वाले इलाकों में इस समय रूस की सेना द्वारा लगातार बमबारी की जा रही है और इन हमलों में यूक्रेन के Intelligence Office, रक्षा मंत्रालय के दफ्तर, हवाई अड्डे और सैन्य अड्डों को निशाना बनाया गया है. बताया जा रहा है कि अब तक रशिया यूक्रेन के 70 से ज्यादा सैन्य अड्डों को नष्ट कर चुका है, जिनमें 11 हवाई पट्टियां भी शामिल हैं. यानी रूस ने एक तरह से यूक्रेन के Air Defence सिस्टम की रीढ़ तोड़ दी है.

यूक्रेन ने लागू किया मार्शल लॉ

यूक्रेन का दावा है कि उसने भी रूस को काफी नुकसान पहुंचाया है. कीव में यूक्रेन की सेना ने उसके दो हेलिकॉप्टर मार गिराने का दावा किया है. इसके अलावा यूक्रेन ने रशिया के 6 लड़ाकू विमान और 5 Tanks को भी नष्ट करने की बात कही है. यूक्रेन ने अपने देश में मार्शल लॉ भी लगा दिया है, जिसका मतलब ये है कि कुछ समय के लिए यूक्रेन का नियंत्रण वहां की सेना के हाथों में रहेगा. साथ ही यूक्रेन ने रूस के साथ सभी कूटनीतिक संबंध भी तोड़ दिए हैं.

हर नागरिक लड़ सकता है जंग

यूक्रेन ने Drone Attack का भी एक वीडियो जारी किया है, जो Kharkiv (खारकीव) का है. इस वीडियो में यूक्रेन के Drones रशिया के Tanks और उसके सैनिकों पर रॉकेट हमले करते हुए दिख रहे हैं. यानी केवल रूस ही हमले नहीं कर रहा है. यूक्रेन भी पलटवार कर रहा है. युद्ध के बीच यूक्रेन के रक्षा मंत्री ने कहा है कि वो अपने देश के उन नागरिकों को हथियार देने के लिए तैयार हैं, जो अपनी स्वेच्छा से रूस के खिलाफ इस युद्ध में लड़ना चाहते हैं.

डरी सहमी जनता

यूक्रेन में युद्ध की इस त्रासदी को आप ऐसे भी समझ सकते हैं कि कीव में बमबारी के दौरान, जब भगदड़ मची, उस दौरान इस मेट्रो स्टेशन पर काफी लोग जमा थे और इनमें छोटे बच्चे भी थे. इन्हीं में एक परिवार अपने 5 साल के एक बच्चे के साथ छिप कर जान बचाने के लिए संघर्ष करता दिखा. अक्सर आप फिल्मों में इस तरह के दृश्य देखते होंगे. लेकिन दुर्भाग्यवश यूक्रेन के लोगों को असल जीवन में इस तरह से अपनी जान बचानी पड़ रही है. 

दूतावास के बाहर मौजूद छात्र

यूक्रेन में भारतीय दूतावास के बाहर भी भारतीय छात्र बड़ी संख्या में इकट्ठे हैं. हालांकि इन छात्रों को दूतावास की तरफ से ये कहा गया है कि वो अभी अपने घरों में ही रहें और कुछ दिन बाहर बिलकुल ना निकलें. इस बीच अमेरिका और ब्रिटेन ने रूस पर और कड़े और नए प्रतिबंध लगा दिए हैं. अमेरिका ने रूस की दो बड़ी वित्तीय संस्थाओं पर आर्थिक प्रतिबंध लगाए हैं. जिनमें Russian Military Bank भी है.

जबकि ब्रिटेन ने रूस के 5 बैंकों और 3 बड़े कारोबियों के खिलाफ पाबंदियों की घोषणा की है. इसके अलावा जर्मनी ने रूस के साथ Nord Stream-2 (नॉर्ड स्ट्रीम) गैस पाइपलाइन को शुरू करने की प्रक्रिया रोक दी है. इस पाइपलाइन के जरिए जर्मनी में रूस से गैस पहुंचने वाली थी. लेकिन अब ऐसा नहीं होगा.

यूक्रेन के खिलाफ युद्ध की शुरुआत गुरुवार सुबह करीब 4 बजे हुई, जब रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का एक बयान प्रसारित हुआ, जिसमें उन्होंने यूक्रेन के पूर्वी Donbass (डोनबास) इलाके में ‘सैन्य कार्रवाई’ की घोषणा की. यहां रूसी भाषा बोलने वाले कई लोग रहते हैं और इस इलाके के कुछ हिस्सों पर 2014 से ही रूस समर्थित विद्रोहियों का कब्जा है. पुतिन के इस बयान के प्रसारित होने के थोड़ी ही देर बाद यूक्रेन के सैन्य ठिकानों पर हमले की खबर आने लगी और अब रूस के दो लाख सैनिक यूक्रेन में घुस चुके हैं.

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