अहमदाबाद ब्लॉस्टः गुजरात बीजेपी के ट्वीट पर बढ़ी रार तो ट्विटर ने हटा दी पोस्ट, जानिए किस बात को लेकर था विवाद



अहमदाबादः गुजरात कांग्रेस ने भाजपा पर विवादास्पद ट्वीट्स के माध्यम से फैसले का फायदा उठाने का आरोप लगाया। कांग्रेस ने कहा कि आतंकवाद का कोई धर्म नहीं होता है।

अहमदाबाद ब्लॉस्ट के बाद कोर्ट के फैसले पर खुशी जताते हुए की गई एक पोस्ट से रार पैदा होती दिखी तो ट्विटर ने ट्वीट को ही हटा दिया। ट्वीट को सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से प्रसारित किया गया था। ट्विटर ने यह कहते हुए पोस्ट को हटा दिया कि इसने उनके नियमों का उल्लंघन किया है।

गुजरात बीजेपी के आधिकारिक हैंडल से किए ट्वीट में एक कार्टून डाला गया था, जिसमें कुछ टोपी पहने पुरुषों को फांसी के फंदे से लटके हुए दिखाया गया था। इसकी बैकग्राउंड में एक तिरंगा और बम विस्फोट के दृश्य को दर्शाने वाली एक तस्वीर थी। इसके ऊपरी हिस्से में दाएं कोने पर सत्यमेव जयते लिखा हुआ था। इसे अहमदाबाद बम विस्फोट मामले में विशेष अदालत के फैसले के एक दिन बाद शनिवार को गुजरात भाजपा के आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर पोस्ट किया गया था।

गुजरात कांग्रेस ने भाजपा पर विवादास्पद ट्वीट्स के माध्यम से फैसले का फायदा उठाने का आरोप लगाया। गुजरात प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता मनीष दोशी ने कहा कि आतंकवाद का कोई धर्म नहीं होता है। इसे कांग्रेस पार्टी से बेहतर कोई नहीं जानता, जिसने अपने दो पूर्व प्रधानमंत्रियों को खो दिया है। भाजपा विवादित ट्वीट कर खुशी मना रही है और कोर्ट के फैसले का फायदा उठा रही है। हालांकि, इस तरह के फैसलों को राजनीतिक चश्मे से नहीं देखा जाना चाहिए और इसका राजनीतिक लाभ लेने के किसी भी अवसर से बचना चाहिए।

उधर, गुजरात भाजपा के मीडिया प्रकोष्ठ के संयोजक याग्नेश दवे ने कहा कि समाचार पत्रों और समाचार चैनलों की रिपोर्टों के आधार पर कार्टून बनाया गया था। किसी भी समुदाय को ठेस पहुंचाने का कोई इरादा पार्टी का नहीं था। दवे ने कहा कि मीडिया रिपोर्टों के आधार पर कार्टून तैयार किया गया था। उन्होंने कहा कि ट्वीट में फैसले का स्वागत किया गया था।

ध्यान रहे कि बीती 18 फरवरी को एक अदालत ने अहमदाबाद सिलसिलेवार बम विस्फोट मामले में 38 दोषियों को मौत की सजा और 11 को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। इन धमाकों में 56 लोगों की मौत हो गई थी। 200 से अधिक लोग घायल हो गए थे। फैसले के बाद से बीजेपी बेहद उत्साहित है। इसे वो यूपी में अखिलेश यादव के खिलाफ चुनावी मुद्दे के तौर पर इस्तेमाल कर रही है। गुजरात में भी पार्टी ने विवादित ट्वीट करके एक समुदाय को ठेस पहुंचाने की कोशिश की।

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