mumbai police reward news: mumbai police former acp arun chavhan: मुंबई पुलिस के पूर्व एसीपी अरुण चव्हाण


मुंबई: गुजरात(Gujrat) की कोर्ट ने पिछले सप्ताह 49 आतंकवादियों को साल 2008 में अहमदाबाद(Ahmadabad) और सूरत(Surat) में बम धमाकों के आरोप में दोषी करार दिया। ये सभी इंडियन मुजाहिदीन से जुड़े थे। इन्हें बुधवार को सजा सुनाई जा सकती है। मुंबई पुलिस(Mumbai Police) को इस केस के डिटेक्शन के लिए 14 साल बाद भी इनाम का इंतजार है। यह केस सबसे पहले मुंबई पुलिस ने डिटेक्ट किया था। बाद में मुंबई पुलिस के इनपुट पर गुजरात पुलिस, दिल्ली पुलिस और देश की अन्य एजेंसियों ने कई अन्य आरोपी पकड़े। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी(PM Narendra Modi) तब गुजरात के मुख्यमंत्री थे और आर.आर.पाटील(R.R Patil) महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री थे।

मुंबई पुलिस के पूर्व एसीपी अरुण चव्हाण ने बताया, ‘इस केस के डिटेक्शन के बाद एक दिन आर.आर.पाटील ने मुंबई पुलिस की डिटेक्शन टीम को बुलाया। उन्होंने बताया कि गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने फोन करके बधाई दी है और केस सुलझाने के लिए 50 लाख रुपये के इनाम की घोषणा की है। मोदी ने इस रकम में से 5 लाख रुपये मुंबई पुलिस को देने का वादा किया है। पाटील ने महाराष्ट्र सरकार की तरफ से भी मुंबई पुलिस को अलग से 5 लाख रुपये देने की घोषणा की। लेकिन मुंबई पुलिस की डिटेक्शन टीम को आज तक यह इनाम नहीं मिला।’ चव्हाण कहते हैं, ‘इनाम तो छोड़िए, प्रशस्ति पत्र तक नहीं दिया गया।’

क्या था मुंबई एंगल
गुजरात बम धमाकों के लिए नवी मुंबई से चार गाड़ियां चुराई गई थीं। मुंबई और नवी मुंबई से वाईफाई का पासवर्ड हैक करके धमाकों से चंद मिनट पहले मीडिया को मेल भी किया गया था कि रोक सको, तो रोक लो। इनमें से एक वाईफाई कनेक्शन सानपाडा में रहने वाले अमेरिकी नागरिक केनिथ हेवुड का था।

कैसे खुला था केस
मुंबई पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए कार चोर अफजल उस्मानी ने इंडियन मुजाहिदीन के संस्थापकों में से एक मोहम्मद सादिक का मुंबई का पता बताया था। सादिक से फिर इस पूरी साजिश में रियाज और इकबाल भटकल और उनके साथियों के बारे में पता चला। रियाज और इकबाल तो पाकिस्तान भाग गए, लेकिन बाकी आरोपी पकड़े गए।

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