Imran Khan Vladimir Putin Meeting: रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच व्लादिमीर पुतिन से मिले इमरान खान, क्या पाकिस्तान ने छोड़ा अमेरिका का साथ?


मॉस्को: रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने व्लादिमीर पुतिन (Imran Khan Vladimir Putin Meeting) से मुलाकात की है। इमरान खान दो दिवसीय दौरे पर रूस पहुंचे (Imran Khan Russia Visit) हुए हैं। उनकी यात्रा का मकसद व्यापार बताया जा रहा है। पर, वर्तमान हालात में व्लादिमीर पुतिन और इमरान खान की मुलाकात के सामरिक मायने निकाले जा रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि पाकिस्तान शीत युद्ध के दोस्त अमेरिका को छोड़कर अब रूस के खेमे में शामिल हो रहा है। दावा यह भी किया जा रहा है कि पाकिस्तान-रूस दोस्ती के पीछे चीन का हाथ है। पिछले छह महीने में इमरान खान और पुतिन के बीच कई बार टेलिफोन पर बातचीत भी हो चुकी है।

मुलाकात को लेकर रूस ने जारी किया बयान
इस मुलाकात के बाद रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के कार्यालय क्रेमलिन ने बयान जारी कर कहा है कि दोनों देशों के नेताओं ने द्विपक्षीय मुद्दों पर बातचीत की। दोनों के बीच में क्षेत्रीय और दक्षिण एशिया में शांति की स्थिति को लेकर भी चर्चा हुई है। एक दिन पहले ही इमरान खान ने क्रेमलिन की दीवार के नजदीक युद्ध के दौरान शहीद हुए सैनिकों की कब्र पर फूल चढ़ाए थे।

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यूक्रेन संकट के बीच अपना पक्ष चुन रहा पाक?
इमरान खान के रूस दौरे से माना जा रहा है कि यूक्रेन संकट के बीच पाकिस्तान अपना पक्ष चुन रहा है। पाकिस्तान के यूक्रेन के साथ भी गहरे रिश्ते हैं। राजनयिक संबंध स्थापित होने के बाद से पाकिस्तान ने हमेशा ही यूक्रेन के साथ रिश्तों को अहमियत दी है। दोनों देशों के बीच हथियारों और विमानों की कई डील भी हो चुकी है। पाकिस्तान ने इस देश में अधिकतर सैन्य अधिकारियों को ही राजदूत बनाया है। ऐसे में रूस के साथ खुलकर खड़े होने से पाकिस्तान और यूक्रेन के रिश्तों पर नकारात्मक प्रभाव भी पड़ सकता है।

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क्या भारत की कीमत पर पाकिस्तान से दोस्ती करेगा रूस
पूरी दुनिया जानती है कि भारत जैसा बड़ा बाजार किसी अन्य देश में नहीं मिलने वाला है। ऐसे में सभी देश भारत के साथ अपने संबंधों को मजबूत बनाए रखना चाहते हैं। रूस पहले ही साफ कर चुका है कि उसकी पाकिस्तान के साथ दोस्ती भारत के कीमत पर कतई नहीं होगी। भारत और रूस के बीच सैन्य और आर्थिक संबंध काफी पुराने हैं। उस पर इमरान खान के रूस दौरे का कोई असर पड़ने वाला नहीं दिखाई देता है। रूस दक्षिण एशिया के पुराने प्रतिद्वंदी भारत और पाकिस्तान के साथ अपने रिश्तों को अलग-अलग रखना चाहता है। रूस कभी भी पाकिस्तान के साथ ऐसा कोई समझौता नहीं करेगा, जिसका असर भारत पर पड़े।

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