Krishi Loan में भी सात साल में ढाई गुणा इजाफा- PM नरेंद्र मोदी ने दी जानकारी, लोग करने लगे ऐसे कमेंट्स



आम बजट में कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने के प्रावधानों पर आयोजित एक वेबिनार को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि पीएम किसान सम्मान निधि योजना आज देश के छोटे किसानों का बहुत बड़ा संबल बन चुकी है।

प्रधानमंत्री ने कहा है कि सरकार किसानों के हित में कई कदम उठा रही है और उनके कल्याण के लिए कई तरह के काम कर रही है। उन्होंने बताया कि सिर्फ छह सालों में कृषि बजट कई गुना बढ़ा है और किसानों के लिए कृषि ऋण में भी 7 सालों में ढाई गुना की बढ़ोतरी की गई है। इस पर सोशल मीडिया पर कई लोग कमेंट करके कहा कि महंगाई नहीं घटी है, वह भी बढ़ी है। विकास भारती नाम के यूजर @surendra2001198 ने कहा कि “किसानों की आत्म हत्या नही घटी है।”

लिविंग फार मोदीजी24hours @lakshmanapras16·नाम के यूजर ने लिखा, “मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदीजी के लिए 24 घंटे भगवान से प्रार्थना कर रहा हूं और गृह मंत्री अमित शाहजी को करोड़ों साल जीना है। दुनिया में लाखों करोड़ साल क्योंकि वे हमेशा प्रेरक, प्रेरणादायक, महान, सुपर और दुनिया के सर्वश्रेष्ठ इंसानों में से एक हैं।”

उन्होंने कहा कि बजट जीवन परिवर्तन, कृषि परिवर्तन और ग्राम जीवन परिवर्तन का एक बहुत बड़ा साधन बन सकता है। बृहस्पतिवार को आम बजट में कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने के प्रावधानों पर आयोजित एक वेबिनार को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि पीएम किसान सम्मान निधि योजना आज देश के छोटे किसानों का बहुत बड़ा संबल बन चुकी है। कहा कि इस योजना के तहत देश के 11 करोड़ किसानों को लगभग पौने दो लाख करोड़ रुपये दिए जा चुके हैं।

उन्होंने कहा कि मुझे विश्वास है कि अगर हम हमारे किसानों को, एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटीज को, हमारे एग्रीकल्चर स्टूडेंट्स को, एक प्लेटफार्म पर लाकर आगे बढ़ेंगे, तो बजट सिर्फ आंकड़ों का खेल नहीं रहेगा। ऐसी स्थिति में हम समय न खराब करते हुए, जून जुलाई में हमारा किसान खेती का नया वर्ष प्रारंभ करे, उससे पहले इस मॉर्च महीनें में हम सारी तैयारी कर लें। अप्रैल में हम किसानों तक चीजों को पहुंचाने का प्लान करें।

उन्होंने कहा कि भारत का कॉपरेटिव सेक्टर काफी वाइब्रेंट है। चाहे वो चीनी मिलें हों, खाद कारखाने हों, डेयरी हो, ऋण की व्यवस्था हो, अनाज की खरीद हो, कॉपरेटिव सेक्टर की भागीदारी बहुत बड़ी है। हमारी सरकार ने इससे जुड़ा नया मंत्रालय भी बनाया है। बजट संसद में रख दिया गया है। फलों की पैकेजिंग में हमारे कॉर्पोरेट हाउस और एग्री स्टार्टअप्स को बड़ी संख्या में आगे आना चाहिए। वो इसमें किसानों की मदद करें और इस दिशा में अपनी योजनाएं बनाएं।

कहा कि पराली का प्रबंधन किया जाना भी उतना ही जरूरी है। इसके लिए इस बजट में कुछ नए उपाय किए गए हैं, जिससे कार्बन एमीशन भी कम होगा और किसानों को इनकम भी होगी। एग्रीकल्चर क्षेत्र में इन्नोवेशन और पैकेजिंग दो ऐसे क्षेत्र हैं, जिन पर और ज्यादा ध्यान दिए जाने की जरूरत है।

पीएम ने बताया कि इस बार के बजट में कृषि को आधुनिक और स्मार्ट बनाने के लिए मुख्य रूप से 7 रास्ते सुझाए गए हैं

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