bmc latest news: devendra fadnavis demands cag audit of bmc: बीएमसी का कैग से स्पेशल ऑडिट कराया जाए


मुंबई:महानगर में विभिन्न विकास योजनाओं पर बीएमसी(BMC) करोड़ों रुपये खर्च करती है। वहीं इन प्रोजेक्ट्स पर सलाह देने के लिए सलाहकार नियुक्त करती है। जिस पर हर साल 700-800 करोड़ रुपये खर्च किए जाते हैं। यह बातें बीएमसी में नेता विपक्ष रवि राजा ने कही। रवि राजा ने कहा कि बीएमसी जो काम सलाहकारों से लेती है, वह अपने अधिकारियों से भी करवा सकती है। बीएमसी में इतने सक्षम अधिकारी हैं कि वह प्राइवेट कंपनियों के सलाहकार से बेहतर काम कर सकते हैं। कुछ काम बाहरी सालाहकर से करवाए जा सकते हैं। इससे बीएमसी का सलाहकर पर खर्च होनेवाली रकम आधी हो जाएगी।

बीएमसी ने कंसल्टेंट नियुक्त किया
बीएमसी में बीजेपी पक्ष नेता विनोद मिश्रा ने कहा कि कोस्टल रोड के लिए चार कंसल्टेंट नियुक्त किए गए हैं। इसी तरह रोड, पुनर्वसन व अन्य योजनाओं के लिए बीएमसी ने कंसल्टेंट नियुक्त किया है। हर प्रोजेक्ट पर सैकड़ों करोड़ रुपये सलाहकर को दिए जाते हैं। इसका दुष्परिणाम यह होता है कि उनके बीच ही समन्वय नहीं रहता। जबकि कंसल्टेंट के जरिए भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया जा रहा है। मिश्रा ने कहा कि बीएमसी यदि किसी प्रोजेक्ट के लिए सलाहकर नियुक्त करती है तो उसकी जिम्मेदारी भी तय करनी चाहिए। यदि प्रोजेक्ट की गुणवत्ता में कमी आई, कोई अड़चन आई या दुर्घटना हुई तो उसके लिए सलाहकार को दोषी ठहराने की व्यवस्था होनी चाहिए। तभी सलाहकार नियुक्त करने का कोई फायदा होगा। वरना यह पैसों की बर्बादी है।

बीएमसी आश्रय योजना
बीएमसी आश्रय योजना, मजदूरों के लिए पुनर्वसन प्रोजेक्ट व अन्य पुनर्वसन योजनाओं के लिए सलाहकार नियुक्त कर रही है। जिस पर करीब 250 करोड़ रुपये खर्च कर रही है। बता दें कि पिछले वर्ष बीएमसी ने दक्षिण मुंबई में दो पुनर्वसन प्रोजेक्ट शुरू करने की मंजूरी दी थी। इसमें फोर्ट में राजवाडकर स्ट्रीट, पलटन रोड और वाल पाखडी में 1016 घर बनाकर पुनर्वसन करने की योजना है। इस पर 434 करोड़ रुपये बीएमसी खर्च करेगी। इसी तरह डोंगरी में जेल रोड, डी वॉर्ड में पीजी सोलंकी रोड, भायखला में सिद्धार्थ नगर व टैंक पाखडी परिसर में घर बनाए जाने हैं। इस प्रोजेक्ट की कीमत 647 करोड़ रुपये है। बीएमसी ने इन दोनों प्रोजेक्ट्स के लिए सलाहकार नियुक्त करने के लिए टेंडर मंगाए हैं। जिस पर 60 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

पुनर्वसन के लिए कई प्रोजेक्ट
बीएमसी सफाई कर्मचारियों के पुनर्वसन के लिए कई प्रोजेक्ट शुरू करेगी। जिस पर 4251 करोड़ रुपये खर्च होंगे। अगले वित्तीय वर्ष के लिए 1800 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। बीएमसी अधिकारी के मुताबिक इस तरह की कई पुनर्विकास योजनाएं हैं, जिसके लिए सलाहकार नियुक्त किए जाएंगे। सलाहकारों पर करीब 250 करोड़ रुपये खर्च करने की योजना है। बता दें कि सलाहकार प्रोजेक्ट का प्रारूप तय करता है। कागजात की जांच के साथ प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने में मदद करता है। निर्माण का पर्यवेक्षण, सुरक्षा और क्वॉलिटी की देखरेख के साथ अन्य समस्याओं को सुलझाने में मदद करता है।

बीएमसी का कैग से स्पेशल ऑडिट कराया जाए: फडणवीस
पिछले कई सालों तक शिवसेना के साथ बीएमसी की सत्ता का सुख भोगने वाली बीजेपी सत्ता से अलग होते ही बीएमसी में भ्रष्टाचार के आरोप पर आरोप लगा रही है। महाराष्ट्र विधानसभा में नेता विपक्ष देवेंद्र फडणवीस ने रविवार को बीएमसी के कामकाज में व्यापक भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए नियंत्रक और महालेखाकार कैग से बीएमसी के खर्चों का स्पेशल ऑडिट कराए जाने की मांग की है। फडणवीस ने यह मांग पार्टी के एक कार्यक्रम में अपने भाषण के दौरान की। बता दें कि जैसे-जैसे बीएमसी के चुनाव नजदीक आ रहे हैं, आरोप-प्रत्यारोप का दौर लगातार तीव्र होता जा रहा है। देवेंद्र फडणवीस ने बीएमसी को घोटालों का अड्डा बताते हुए भ्रष्टाचार की पोल खोल करने वाले बीजेपी नेताओं की प्रशंसा भी की।

फडणवीस ने आरोप लगाया कि पिछले डेढ़ साल में बीएमसी में जमकर भ्रष्टाचार हुआ है। उन्होंने कहा कि कोविड की वजह बता कर जानबूझकर स्टैंडिंग कमिटी की बैठक ऑनलाइन बुलाई जाती रही। बैठक में बीजेपी नगरसेवकों को बोलने का मौका तक नहीं दिया गया। उन्हें म्यूट कर दिया गया। उन्होंने कहा कि कोरोना का काल में बीएमसी द्वारा लिए गए फैसलों पर आज कई सवाल उठ रहे हैं, इसका कारण सिर्फ शिवसेना की मनमानी है।

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