यूपी में ग्रामीण नौजवानों को सेना में भर्ती की आस, भड़क कर बोले- न देंगे BJP को वोट



प्रयागराज से करीब 25 किलोमीटर दूर कोटवा गांव के तिलक इंटरमीडिएट कॉलेज मैदान में दर्जनों युवा ऐसे हैं, जो उस सेना भर्ती के लिए प्रयास कर रहे हैं. दौड़ रहे हैं, व्यायाम कर रहे हैं।

यूपी में हो रहे विधानसभा चुनाव में रोजगार का मुद्दा प्रभावी देखा जा रहा है। बता दें कि युवाओं में रोजगार को लेकर सरकार के खिलाफ नाराजगी भी है। प्रयागराज से 25 किलोमीटर दूर कोटवा गांव में युवाओं का कहना है कि रात में आवारा पशुओं को हांकते हैं और दिन में आर्मी भर्ती के लिए तैयारी करते हैं।

इस गांव के 21 साल के अजय मौर्या ने द इंडियन एक्सप्रेस से कहा कि लिख दीजिएगा कि रात में सांड हांक कर फसल बचाते हैं और सुबह मैदान में आकर अभ्यास करते हैं। फ़िर जाकर सोते हैं। लेकिन आर्मी में भर्ती का सपना लिए उम्र बीती जा रही है। अजय का कहना है कि वो और उनके दोस्त इस सरकार को वोट नहीं देंगे।

ये युवा सीमा में भर्ती को लेकर प्रतीक्षा कर रहे हैं। वे अन्य नौकरियों के लिए आवेदन भी नहीं करते हैं। हर दिन की शुरुआत “जय हिंद” कहने के साथ तैयारी करते हैं। वहीं दिवाली के मौके पर दीये से भारत का नक्शा भी बनाते हैं। यह नजारा हर सुबह-शाम गांव-गांव में चलता रहता है। उन्हें अब भी सेना भर्ती की आस है।

कोटवा गांव से ताल्लुक रखने वाले 23 साल के अनुज गौड़ की उम्र भारतीय सेना के अधिक हो चुकी है। ऐसे में वो प्रादेशिक सेना के लिए प्रयास कर रहे हैं। उनका दावा है कि उनके परिवार का कोई भी सदस्य या यहां तक ​​कि पड़ोसी भी भाजपा को वोट नहीं देंगे। अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए अनुज कहते हैं, “राजनेताओं को चुनावी रैलियों से कोई समस्या नहीं है। लेकिन सेना भर्ती अभियान को कोविड के नाम पर रोक दिया गया है।”

बता दें कि कई अभ्यर्थी ऐसे हैं जिनकी प्राथमिकता सेना में जाना है लेकिन कई पुलिस भर्ती के लिए भी प्रयासरत हैं। इनमें गौड़ की तरह कई युवाओं की आयु सीमा सेना में जाने के लिए अधिक हैं और भर्ती ना आने से सरकार के खिलाफ हैं। गौरतलब है कि सेना में जवान के तौर पर भर्ती के लिए उम्र सीमा 21 है। वहीं सेना में तकनीकी और क्लर्क के लिए उम्र 23 वर्ष है।

कोटवा मैदान में अभ्यास करने वाले 18 वर्षीय दक्ष तिवारी का कहना है, “सरकार चाहे जिसकी भी हो, राज चाहे जो भी करे, मुझे रोज़गार चाहिए।” वहीं 26 वर्षीय कुशाल यादव सेना में नहीं जा पाए और अब टेरिटोरियल आर्मी की तैयारी कर रहे हैं। उनका कहना है कि 2019 के बाद से क्षेत्र से 23 साल की उम्र पार करने वाले युवा नौकरी की तलाश में दिल्ली, सूरत, मुंबई जैसे महानगरों में चले गये।

बता दें कि 2019-20 से पहले वर्ष में कम से कम एक बार प्रत्येक जिले से भर्ती की जाती थी। 11 फरवरी को लोकसभा में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बताया कि 2020-21 में कोविड के चलते इस तरह की कोई कवायद नहीं हो सकी। इसको लेकर रक्षा मंत्री को भर्ती ना निकलने पर गोंडा और बलिया में युवाओं का विरोध भी झेलना पड़ा। बता दें कि प्रयागराज जिले में पांचवे चरण 27 फरवरी में वोटिंग होगी। वहीं प्रदेश में इस बार सात चरणों में मतदान हो रहे हैं।

.



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published.