दसवीं, बारहवीं के दूसरे सत्र की परीक्षा 26 अप्रैल से



कोरोना महामारी के चलते वर्तमान शैक्षणिक सत्र की परीक्षा का दो बार में कराने का निर्णय किया था।

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) दसवीं और बारहवीं की दूसरे सत्र (सेकेंड टर्म) की बोर्ड परीक्षाएं 26 अप्रैल से आफलाइन आयोजित करेगा। बोर्ड ने विभिन्न हितधारकों के साथ चर्चा के बाद और देश में कोरोना की स्थिति को ध्यान में रखते हुए दूसरे सत्र की बोर्ड परीक्षा केवल आफलाइन आयोजित करने का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि लिखित परीक्षाएं 26 अप्रैल, 2022 से शुरू होंगी। कक्षा दसवीं और बारहवीं का विस्तृत परीक्षा कार्यक्रम जल्द ही जारी किया जाएगा। कोरोना महामारी के चलते वर्तमान शैक्षणिक सत्र की परीक्षा का दो बार में कराने का निर्णय किया था। पहले सत्र की परीक्षाएं भी आफलाइन आयोजित हुई थीं।

प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए आइआइटी दिल्ली ने शुरू की वेबसाइट

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आइआइटी) दिल्ली ने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों की सहायता के लिए एक वेबसाइट शुरू की है। इस वेबसाइट में माध्यम से इंजीनियरिंग, मेडिकल आदि परीक्षाओं की तैयारी में लगे विद्यार्थी अपने सवाल भी आइआइटी के शिक्षकों से पूछ सकते हैं। इस वेबसाइट के माध्यम से कक्षा ग्यारहवीं और बारहवीं के विद्यार्थियों की सहायता की जाएगी। वेबसाइट ‘डब्लूडब्लूडब्लू डाट आइआइटीपीएएल डाट आइआइटीडी डाट आइएन’ के माध्यम से विद्यार्थी भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान और गणित से संबंधित सवाल पूछ सकते हैं। यह केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय और आइआइटी दिल्ली की पहल है। यह वेबसाइट ऐसे विद्यार्थियों की मदद के लिए विशेष रूप से विकसित की गई है जिनकी कोचिंग या अच्छे शिक्षकों तक पहुंच नहीं होती है।

इस साल दो चरणों में आयोजित होगी संयुक्त प्रवेश परीक्षा!

राष्ट्रीय परीक्षा एजंसी (एनटीए) 2022 के लिए इंजीनियरिंग पाठ्यक्रमों के लिए आयोजित होने वाली संयुक्त प्रवेश परीक्षा (जेईई) मुख्य का आयोजन दो चरणों कर सकता है। ये चरण अप्रैल और मई के दौरान आयोजित किए जाएंगे। पिछले साल कोरोना महामारी के चलते बाधित हुई शैक्षणिक गतिविधियों और विद्यार्थियों की गैर-परंपरागत तैयारियों के मद्देनजर जेईई मुख्य परीक्षा का आयोजन चार चरणों में किया गया था, जिसकी शुरुआत फरवरी हुई थी। एनटीए ने विद्यार्थियों को सभी चरणों में सम्मिलित होने का विकल्प दिया गया था और इनमें से बेहतर स्कोर और रैंक को ही अंतिम माना गया था। हालांकि, इस वर्ष परिस्थितियां अलग होने के कारण एनटीए इस परीक्षा का आयोजन दो चरणों में ही कराने के बारे में सोच रहा है।

कोरोना से माता-पिता को खो चुके बच्चों को इलाहाबाद विश्वविद्यालय देगा मुफ्त शिक्षा

इलाहाबाद विश्वविद्यालय उन विद्यार्थियों को एक बड़ी राहत देने जा रहा है जिन्होंने कोरोना महामारी में अपने माता-पिता को खो दिया है। इलाहाबाद विश्वविद्यालय ने घोषणा की है कि वह उन विद्यार्थियों से कोई शैक्षणिक शुल्क नहीं लेगा जिन्होंने कोविड में अपने माता-पिता दोनों को खो दिया है। साथ ही विश्वविद्यालय शैक्षणिक सत्र 2021-22 के लिए छात्रावास शुल्क का 50 फीसद माफ भी करेगा। कुल शैक्षणिक शुल्क और 50 फीसद शैक्षणिक शुल्क माफ करने का निर्णय कोविड की स्थिति को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। बता दें कि यह रियायत विश्वविद्यालय और उससे संबंधित कालेजों के सभी विद्यार्थियों पर लागू होगी। हालांकि एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि यह प्रावधान उन विद्यार्थियों के लिए लागू नहीं होगा, जिन्होंने सिर्फ माता या पिता को खो दिया है।

इग्नू में स्पेनिश, फ्रेंच का आनलाइन पाठ्यक्रम शुरू

इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू) ने दो विदेशी भाषाओं में आनलाइन प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम शुरू किए हैं। ये पाठ्यक्रम विश्वविद्यालय के विदेशी भाषा स्कूल द्वारा शुरू किए गए हैं। जो भी उम्मीदवार इन पाठ्यक्रमों में दाखिला लेना चाहते हैं, वे उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। इन पाठ्यक्रमों की अवधि छह महीने की होगी। वहीं, इस पाठ्यक्रम का शुल्क 4,500 रुपए होगा।

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